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बच्चों को प्रारम्भिक जीवन से अच्छे संस्कार एवं उचित मार्गदर्शन दिया जाए तो वे आगे चलकर एक आदर्श समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं - कप्तान सिंह सोलंकी View More -

बच्चों को प्रारम्भिक जीवन से अच्छे संस्कार एवं उचित मार्गदर्शन दिया जाए तो वे आगे चलकर एक आदर्श समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं - कप्तान सिंह सोलंकी

अम्बाला, 5 नवम्बर हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि बच्चों को यदि प्रारम्भिक जीवन से अच्छे संस्कार एवं उचित मार्गदर्शन दिया जाए तो वे आगे चलकर एक आदर्श समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह कार्य द. एस.डी. विद्या स्कूल अम्बाला छावनी बेहतर ढंग से कर रहा है जोकि संस्कारो का केन्द्र भी है और यहां आकर मुझे इसलिए प्रसन्नता होती है कि यह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को राष्ट्र निर्माण की दिशा में अच्छे संस्कार उपलब्ध करवा रहा है।  राज्यपाल आज एस.डी. विद्या स्कूल अम्बाला छावनी में स्थित विद्यालय के प्रांगण में स्श्चद्बष् रूड्डष्ड्ड4 सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम का परम्परागत दीप प्रज्जवलित करके शुभारम्भ करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एस.डी. विद्या स्कूल अम्बाला छावनी केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही अग्रणी नही बल्कि अन्य गतिविधियों का भी हमेशा आयोजन कर आगे रहता है। इस अवसर पर संगीत के सम्राट विश्व विख्यात पंडित विश्व मोहन भट्ट, ग्रामी अवार्ड कलाकार व उनके साथी तबला वादक हिमांशू मंहत ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संगीत को भी विशेष महत्व दे रहा है जिससे विद्यार्थियों को संगीत जगत में भी आगे बढऩे का मौका ही नही मिल रहा बल्कि उनकी भावनाओं का विकास भी हो रहा है।  राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार पशु को चारे की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मनुष्य को भी भोजन की आवश्यकता होती है। मनुष्य जिस प्रकार पीड़ा महसूस करता है, उसी प्रकार पशु भी पीड़ा महसूस करता है। इसके साथ-साथ मनुष्य संतान की उत्पति करता है, उसी प्रकार पशु भी अपनी संतान की उत्पति करता है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य के पास धर्म नही है तो वह मनुष्य नही अपितु पशु के समान है। उन्होंने कहा कि गुलामी की 1000 वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि हम भुलाने में सक्षम हो सकते हैं, तो वह केवल शिक्षा ही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में आपातकाल लागू किया गया और 1977 में खत्म हुआ। जिन लोगों ने इसे लगाया था, उन्होंने भी महसूस किया कि उनके द्वारा यह कार्य करके गल्त किया गया। उन्होंने इस मौके पर विद्यार्थियों के उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विद्यालय उन्हें संस्कारमय बनाकर देश के उज्जवल भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्श्चद्बष् रूड्डष्ड्ड4 सोसायटी प्रामोटिंग इंडियन कलासिकल संगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम पहली बार अम्बाला में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य संगीत प्रेमियों को भारतीय संस्कृति व परम्परा से जोडऩा है। इस संगठन में युवा पीढ़ी स्वेच्छा से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ रही है। खुशी की बात है कि अम्बाला में एसडी विद्या स्कूल अम्बाला में पहली बार इस परम्परा को शुरू करने जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में सभी संगीत प्रेमी इस कड़ी के द्वारा ही आगे इस परम्परा को बढ़ाएंगे। कार्यक्रम के दौरान स्कूल बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। उन्होंने इस मौके पर पंडित विश्व मोहन भट्ट व तबला वादक हिमांशू मंहत को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य नीलइन्द्र कौर संधु ने स्कूल की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यहां पंहुचने पर स्कूल की प्रबन्ध कमेटी के प्रधान बी.के. सोनी, उपप्रधान डा0 देशबंधु, कोर्डिनेटर शीतल शर्मा, एसडी कालेज के प्रिंसीपल डा0 राजेन्द्र राणा, पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल, एडीसी आर.के. सिंह, एसडीएम सुभाष चन्द्र सिहाग, सचिव अशोक गुरानी, उपसचिव जगदीश अरोड़ा, नवीन गुलाटी सहित अन्य पदाधिकारीगण व स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।

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