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एनकाउंटर में ढेर हुए सिमी के 8 आतंकवादी, गार्ड की हत्या कर भागे थे सेंट्रल जेल से

भोपाल।प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के 8 आतंकवादी भोपाल स्थित केंद्रीय जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर फरार हो गए थे। इनकी तलाश में जुटी टीम ने आतंकवादियों को बैरसिया क्षेत्र स्थित अचारपुरा गांव के पास घेर लिया था। इस दौरान पुलिस और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई और पुलिस ने आठों आतंकवादियों को मार गिराया है। जानें पूरा मामला... रविवार-सोमवार देर रात जब पूरा देश दिवाली का त्यौहार मनाने में व्यस्त था, सिमी आतंकवादी जेल में सेंध लगाने के काम में जुटे हुए थे। आतंकवादियों ने कड़ी सुरक्षा वाली इस जेल से भागने से पहले जेल कर्मचारी रमाशंकर की हत्या और चंदन नाम के कर्मचारी के हाथ पैर बांध दिए थे। फरार आतंकवादियों में मुजीब, माजिद, खालिद, अकील, जाकिर, महबूब, सलीख और अमजद शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने मार दिया है। कई राज्यों में जारी किया गया था अलर्ट इस घटना की सूचना मिलते ही भोपाल समेत आसपास के जिलों, यहां तक की पड़ोसी राज्य की पुलिस को भी सतर्क किया गया था। सुबह सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई थी। बैठक के अनुसार इस मामले की कमान पूर्व डीजीपी नंदन दुबे को सौंपी गई थी, जबकि एडीजी जेल सुशोवन बैनर्जी को हटा दिया गया और डीआईजी जेल को निलंबित कर दिया गया है। चादर की रस्सी बनाकर फांदी थी जेल की दीवार रात 2 बजे के बाद जेल के बी ब्लॉक में बंद सिमी आतंकवादियों ने ओढऩे वाली चादरों और कथित तौर पर कुछ औजारों की मदद से जेल की सुरक्षा में सेंध लगाई थी। अनुमान था कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित जेल से बाहर निकलने के बाद आरोपी आतंकवादी बैरसिया बायपास की ओर से भागे थे। मालवांचल है सिमी गतिविधियों का केंद्र आज से लगभग 3 साल पहले राज्य के खंडवा जिला जेल में बंद सिमी आतंकवादी भी फरार हो गए थे। उन्होंने उस दौरान रास्ते में कुछ लोगों की हत्या कर दी थी। राज्य का पश्चिमी हिस्सा यानी मालवांचल सिमी गतिविधियों का केंद्र रहा है। इस अंचल से पिछले वर्षों के दौरान दर्जनों आतंकवादियों को गिरफ्तार करके भोपाल और कुछ अन्य जेलों में रखा गया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराई जाती थी आतंकवादियों की पेशी सुरक्षा की दृष्टि से इन आतंकवादियों की पेशी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही कराई जाती थी। सिमी का एक सरगना और कुख्यात आतंकवादी अबू फैजल भी इन दिनों भोपाल केंद्रीय जेल में बंद है। उसकी गतिविधियों के कारण कुछ समय पहले उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से भोपाल लाया गया था। माना जा रहा है कि उसका भी इस सनसनीखेज घटना से जरूर संबंध हो सकता है। जांच के आदेश के बाद 5 अधिकारियों और कर्मचारियों को किया था निलंबित आतंकवादियों के फरार होने की घटना के कुछ घंटे बाद जेल विभाग के प्रमुख सचिव विनोद सेमवाल ने जेल का निरीक्षण किया था। सेमवाल ने जेल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से कहा था कि घटना निश्चित तौर पर बेहद गंभीर है। जांच के तथ्यों के आधार पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रारंभिक तौर पर जेल के पांच अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। घोषित किया था 5-5 लाख रुपए का इनाम 8 आतंकवादियों के फरार होने की घटना को गंभीर बताते हुए गृह मंत्री भुपेंद्र सिंह ने फरार आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मंत्री ने बताया था कि यह घटना रात लगभग दो बजे की है, जबकि पुलिस प्रशासन तड़के 4 बजे से सक्रिय था। सीएम बनाए हुए है घटनाक्रम पर नजर भोपाल के साथ ही पूरे राज्य की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई थी। भोपाल और आसपास के जिलों में सघन अभियान छेड़ा गया था। पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया था। आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

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