अब कौन सुनाएगा ‘बाबुल मोरा नैहर छूटल जाए’ (किशोरी अमोनकर : श्रद्धांजलि)

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​नई दिल्ली। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के जयपुर घराने की अग्रणी गायिका किशोरी अमोनकर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो ख्याति मिली, वह किसी और को नसीब कहां हो पाई! उनके कोकिल-कंठ से निकली राग भैरवी की बंदिश ‘बाबुल मोरा नैहर छूटल जाए’ को भला कौन भूल सकता है। किशोरी […]