​कौन अपना है कौन पराया – सरिता दास

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कौन अपना है कौन पराया यह अपना है यह पराया है , किसने जाना यह अपना है और पराया है, बेहद कठिन है, जिसको हम अपना मानते है, कुछ ही दिनो मे वह पराया हो जाता है, पराया अपना हो जाता है, काम निकलने के बाद न कोई अपना रहता […]

​राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हरियाणा के हितों के लिए ओपी धनखड़ ने की पैरवी

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​★राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी सक्रिय रहे ओपी धनखड़  ★बैठक के दौरान समय निकालकर हरियाणा के हितों के लिए की पैरवी ★रेल मंत्री, कृषि मंत्री, आयुष मंत्री से भेंटकर उठाए मुद्दे ★यूपी, उत्तराखंड और मणिपुर के सीएम को दी बधाई झज्जर। हरियाणा के हितों की पैरवी के लिए निरंतर […]

​राष्ट्रीय हिंदी सेवी सम्मान पुरस्कारों की घोषणा              हिंदी पत्रकारिता के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार राहुल देव और बलदेव भाई शर्मा को दिया जाएगा

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आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक एन.के.पांडे ने मंगलवार को प्रतिष्ठित हिंदी सेवी सम्मान पुरस्कार के लिए विभिन्न श्रेणियों से 26 लेखकों के नामों की घोषणा की। पांडे ने बताया कि मई में राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पुरस्कार विजेताओं को 5-5 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र […]

रविन्द्र के दास की चुनिंदा कविताएं

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​न्यूज़ सेन्स ■★■★■★■ तपती गर्मी में सात लोग प्यास से तड़पकर मर गर गए अजीब है! अभी समस्या सरकार बनने बनाने की है अभी इस बेकार मसले को उठाते हो ? न्यूज़ सेन्स है कोई कहां कहां से चले आते हैं … मरने लगा था तो दे देना था दो […]

​कब तक बच पाउंगी – सरिता

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​कब तक बच पाउंगी  बर्फीली हवाओं के बीच  हादसे की चपेट में आये शहर की तरह  टुकड़े टुकड़े होकर बिखर जाऊँगी  तुमने सोचा कभी ? क्या बीतेगी मुझपर  गर तुम बन गये आकाश  और मैं धरती पर खड़ी  जड होकर दूर से  निहारूंगी तुम्हें  बीते दिनों का चाक फिर घूमेगा […]

​आज फणिश्वर नाथ रेणु की पुण्य तिथि पर उनका स्मरण करते हुए सरला माहेश्वरी की कविता ‘वे बहुत ख़ुशहाल है’

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​आज फणिश्वर नाथ रेणु की पुण्य तिथि पर उनका स्मरण करते हुए सरला माहेश्वरी की कविता ‘वे बहुत ख़ुशहाल है’ का पाठ:    छाया:  फणिश्वर नाथ रेणु वे बहुत ख़ुशहाल हैं ! वे बहुत ख़ुशहाल हैं वे देखते नहीं किसी बदहाल को उनके चारों ओर बजता है मधुर गीत “मेरे […]

   “यादें”  –  कविता / स्नेहा चौहान(बाबा)

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​              “यादें” अब नहीं होती नम आँखें जब मिलती हूँ अपनों से अब नहीं भीगतीं  पलकें उन अनछुए से सपनों से अब छूटती ही नहीं रुलाई किसी और के उलाहनों से कब से नहीं मैं गुस्साई  उन बेगानो सी बातों से मरती  नहीं मेरी […]

​राहुल सांकृत्यायन की स्मृति में भारतीय विश्व कोश संस्थान की स्थापना की जाये

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​राहुल सांकृत्यायन की स्मृति में भारतीय विश्व कोश संस्थान की स्थापना की जाये – 7 मार्च 1994 के दिन राज्य सभा में शून्यकाल में उठाया गया सरला माहेश्वरी का प्रस्ताव  इसी 8 अप्रैल (1994) को महापंडित राहुल सांकृत्यायन के शताब्दी वर्ष का समापन होने जा रहा है। इस वर्ष के […]

दिल्ली में जुटेंगे 15 भाषाओं के 45 कवि

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नई दिल्ली। रजा फाउंडेशन की ओर से कविता और काव्य विचार पर आधारित तीन दिवसीय द्वैवार्षिकी सम्मेलन शुक्रवार से शुरू होगा, जिसमें देशभर के 15 भारतीय भाषाओं के 45 कवियों का समागम होगा। सम्मेलन में कविता पाठ के संग कविताओं पर चर्चा भी होगी। यह आयोजन प्रख्यात चित्रकार सैयद हैदर […]

“अख़बार  छापेंगे ” / रीमा दीवान चड्ढा

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“अख़बार छापेंगे “ ​हमारे देश के  अख़बार छापेंगे केवल धर्म मोदी योगी साहित्यकार शिक्षक कवि शहीद नहीं… जो देते हैं विज्ञापन उनकी तस्वीरें बड़ी बड़ी मानवता की सेवा करने वालों के लिए जगह कहीं नहीं….!! – रीमा दीवान चड्ढा