महिला कांग्रेस के सोशल मीडिया की राष्ट्रीय अध्यक्षा चित्रा सरवारा ने आज कहा है कि अंबाला छावनी के नई आबादी नन्हेड़ा  क्षेत्र में रेल कोरिडोर के नाम पर उजाड़े गए भूमि हीन किसानों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। वे आज इस इलाके में बेघर हुए भूमि हीन किसानों के परिवारों का दु:ख दर्द बांटने के लिए आई थी।

  उन्होंने कहा कि कितनी हैरानी की बात है कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढाओ तथा खुले में शौचमुक्त अभियान चला रही है लेकिन दूसरी ओर खुली छत के नीचे रहने को विवश उजड़े हुए इन किसानों की बेटियां न तो स्कूल जा पा रही हैं और न ही अपने-अपने घरों में बनाए गए शौचालयों का इस्तेमाल कर पा रही हैं। ये नन्हीं बच्चियां और महिलाएं अब खुले में शौच करने को विवश हैं। 

  उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासन काल में अधिकारियों और फौज की सब्जी की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन भूमि हीन किसानों को उत्तर प्रदेश से लाकर यहां बसाया गया था और खेती के लिए 99 साल की लीज पर जमीन दी थी। इन भूमि हीन किसानों की कई पीढिय़ां इस जमीन पर खेती कर चुकी हैं।
 अब रेल कोरिडोर बनाने के नाम पर अचानक दिन दहाड़े पीला पंजा चला कर न केवल इनके आशियाने तोड़ दिए गए बल्कि इनकी जमीनों पर लगी फसलें भी उजाड़ दी गई। सबसे अधिक चिंता की बात तो यह है कि इनके रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही इन पर तुगलकी कार्रवाई कर दी गई। 

 उन्होंने इन भूमिहीन किसानों को भरोसा दिलाया कि यदि वे अपनी 11 मैम्बरी कमेटी का गठन कर लें तो कांग्रेस इन्हें कानूनी सहायता दिलवाने के मुद्दे पर शीघ्र ही नगर निगम अम्बाला के मेयर रमेशमल की मौजूदगी में इन से मीटिंग करके राहत पहुंचाने की कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री और रेल विभाग के अधिकारियों से भी इन भूमिहीन किसानों को पर्याप्त मात्रा में क्षतिपूर्ति मुआवजा देने और इनके रहने तथा रोजी रोटी कमाने की व्यवस्था करने की मांग की है।

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