हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि चिंतन से सामूहिक निर्णय लेना भारतीय जनता पार्टी की परम्परा रही है और इससे पहले करनाल, पूसा नई दिल्ली व गुरुग्राम के चिंतन शिविरों से किसान हित के कई महत्वपूर्ण निर्णय वर्तमान सरकार ने लिए हैं। सिंचाई विभाग की हर खेत को पानी की योजना, हर टेल पर पानी पहुंचाने की योजना हो या बागवानी विभाग के प्रदेश में पहली बार बागवानी विश्वविद्यालय खोलने की बात हो या हर जिले में कृषि उत्कृष्टïता केन्द्र खोलने की बात हो या जैविक खेती या 340 जैविक गांव बनाने की बात हो या क्लाईमेटस स्मार्ट खेती की बात हो या पैरी एग्रीकल्चर अवधारणा की बात हो। 

   धनखड़ आज यहां भाजपा द्वारा 15 से 17 दिसम्बर, 2017 तक हिमाचल प्रदेश के परवाणु में आयोजित सरकार के चिंतन शिविर को लेकर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 


एक प्रश्न के उत्तर में  धनखड़ ने कहा कि चिंतन से विपक्ष की चिंता होना स्वाभाविक है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा  किसानों की आय बढ़ाने के लिए उनकी अध्यक्षता में गठित मुख्यमंत्रियों के कार्यसमूह की अपनी ही रिपोर्ट 10 वर्षों तक कांग्रेस के कार्यकाल में तो लागू करवा नहीं सके। अब जब तीन वर्षों के भाजपा के केन्द्र व प्रदेश के कार्यकाल में किसानों की आय बढ़ाने की ओर बढ़े हैं तो उन्हें किस बात की तकलीफ है। 


  धनखड़ ने कहा कि हमने तीन वर्षों के कार्यकाल में गन्ना, गेहूं व धान के समर्थन मूल्य बढ़ाने के साथ-साथ अगले मौसम के लिए धान की पराली के भाव भी घोषित किए गए हैं और पराली की खरीद के बाद निश्चित रूप से धान उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी। 


उन्होंने कहा कि पहली जनवरी, 2018 से आलू, गोभी, प्याज, टमाटर कीभी न्यूनतम समर्थन मूल्य की दरें निर्धारित करने की ओर गहन मंथन चल रहा है जो पहली बार होगा जबकि कांग्रेस ने ऐसा कभी सोचा ही नहीं। 


एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कृषि एवं किसान मंत्री ने बताया कि तीन वर्षों में वर्तमान सरकार ने किसानों को उनकी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है जबकि पहले की सरकारों में 100 करोड़ रुपये से अधिक प्रति वर्ष नहीं था। इतना ही नहीं, प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए वर्तमान सरकार ने 6,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति एकड़ किया हैै। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के विज़न को साकार करने की ओर हरियाणा निश्चित रूप से आगे बढ़ रहा है और तीन दिन के चिंतन शिविर से नए सकारात्मक सुझाव प्राप्त होंगे।


राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बारे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा कांग्रेस पार्टी में बदलाव होने के बारे पूछे जाने पर श्री धनखड़ ने कहा कि बदलाव के सपने देखना  हुड्डा की सही बात हो सकती है राहुल गांधी उपाध्यक्ष के रूप में भी मुखिया की स्थिति में थे। उनके अध्यक्ष चुने जाने पर भले ही कांगे्रस इसे उत्सव के रूप में मनाए।


इस अवसर पर हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव, कृषि एवं कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक एवं मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव मनदीप सिंह बराड़ तथा बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सैनी भी उपस्थित थे।

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