स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी सिविल अस्पताल में कैथ लैब का किया उद्घाटन

देश के किसी भी सिविल अस्पताल में स्थापित की गई यह पहली और एकमात्र कैथ लैब-विज

  अंबाला। स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने आज अंबाला व आस-पास के क्षेत्र के लोगों को सिविल अस्पताल में एक बड़ी सुविधा प्रदान करते हुए अंबाला छावनी के आधुनिक सिविल अस्पताल में कैथ लैब का उद्घाटन किया। प्राइवेट-पब्लिक-पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर स्थापित की गई इस कैथ लैब के लिए भवन, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई हैं जबकि देश की अत्याधुनिक 4 करोड़ रुपए की कैथ लैब मशीन सहित अन्य आवश्यक उपकरणो पर 7 करोड़ रुपए की राशि मैडिट्रिना नामक कम्पनी द्वारा खर्च की गई हैं।

 विज ने उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित अंबाला छावनी वासियों को कैथ लैब (हृदय अरोग्य केन्द्र)की स्थापना की मुबारकबाद दी और कहा कि अब किसी भी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों को पैसे की कमी में हृदय रोग के इलाज से वंचित नही रहना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अंबाला के बाद शीघ्र ही पंचकूला के सिविल अस्पताल में इस तरह की लैब स्थापित की जा रही है और उसके दो मास के बाद फरीदाबाद व गुरूग्राम के सिविल अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर प्रथम चरण में इस सुविधा के लिए चार जिलों को चुना गया है और चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी 22 जिलों में हृदय अरोग्य केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।  


उन्होंने कहा कि इस लैब पर पीजीआई चंडीगढ़ से आधी कीमत तथा निजी अस्पतालों से एक चौथाई कीमत पर स्टंट डाला जाएगा। इसके अलावा ईको, टीएमटी, होल्टर, इंजियोग्राफी इत्यादि टैस्ट भी तुलनात्मक दृष्टि से बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि बीपीएल परिवारों और गरीब लोगों के लिए यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध रहेगी।  इसके अलावा अनुसूचित जाति के लोगों, अरोग्य कोष कार्ड धारकों के लिए यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लोग भी अब मात्र 46 हजार रुपए में इस सुविधा का लाभ हासिल कर सकते हैं।


मैडिट्रिना कम्पनी के चिकित्सक और विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डा. प्रताप कुमार ने बताया कि भारतवर्ष में पहली बार किसी भी सिविल अस्पताल में खुलने वाला यह पहला इंटरनेशनल कॉर्डियोलॉजी केन्द्र है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर एंजियोप्लास्टी के लिए सरकारी मैडिकल कालेज में लगभग एक लाख रुपए का खर्च आता है जबकि निजी अस्पतालों में यह खर्च दो लाख रुपए से अधिक है। अंबाला छावनी में यह सुविधा मात्र 46 हजार रुपए में उपलब्ध करवाई जाएगी। 


मस्तिष्क के स्ट्रोक से बचाने की एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी होगी उपलब्ध


डा. प्रताप कुमार ने बताया कि इस कैथ लैब में स्टंट डालने के साथ-साथ मस्तिष्क के  स्ट्रोक से बचाने के लिए की जाने वाली एंजियोप्लास्टी, नसों की ब्लोकेज के कारण पैर कटने जैसी स्थिति से बचने के लिए पैरों की एंजियोप्लास्टी तथा रक्तचाप नियंत्रण के लिए गुर्दों की धमनियों की एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी इस केन्द्र पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस केन्द्र पर ईको, टीएमटी, होल्टर, इंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंडरी प्लास्टरी, पेसमेकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


विश्व में हृदय रोग के कारण 12 प्रतिशत लोगों की होती है मृत्यु


डा. प्रताप कुमार ने बताया कि विश्व में लगभग 12 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हर्ट अटैक आने पर तीन घंटे के अंदर इलाज की सुविधा न मिल पाने के कारण होती है। हर्ट अटैक के मरीज के जीवन रक्षा के लिए एंजियोप्लास्टी सबसे ज्यादा मानी गई तकनीक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां के स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने का सराहनीय प्रयास किया है। 


इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के महानिदेशक डा. सतीश गुप्ता, एसडीएम सुभाष चन्द्र सिहाग, सिविल सर्जन डा. विनोद गुप्ता, उपसिविल सर्जन डा. बिमला आनन्द, नायब तहसीलदार श्री कौशल, भाजपा नेता सोम चोपड़ा, बलविन्द्र सिंह, जसविन्द्र जस्सी, सतपाल ढल्ल, ललित चौधरी, संजीव जैन गोपचा, अनिल बहल, गुरपाल सिंह माजरा, नीटू सचदेवा, ललिता प्रसाद, ओम सहगल, अनुप चोपड़ा, मोहन लाल बग्गन, अनिल धीर, नरेन्द्र पाल शेरा, सुरेन्द्र तिवारी, अजय बवेजा, राजीव डिम्पल, बी.एस. बिन्द्रा, किरण पाल चौहान, रवि सहगल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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