हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार भविष्य में सक्षम युवाओं को स्थाई रोजगार प्रदान करने के लिए प्रदेश भर में रोजगार मेलों का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि सक्षम-द्वितीय योजना को भी लागू किया जा रहा है, जिसके तहत उन सभी स्नातको व स्नातकोत्तर प्रार्थियों को भी कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिन्होंने अन्य राज्यों से डिग्री प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री आज पंचायत भवन अंबाला शहर में सक्षम युवाओं से मुख्यमंत्री का संवाद कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह अंबाला शहर में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधायक असीम गोयल, श्रीमती संतोष चौहान सारवान, मंडल आयुक्त विवेक जोशी, उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर बराड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सक्षम योजना से अब तक प्रदेश के 49995 युवाओं ने अपना पंजीकरण के लिए आवेदन किया था जिसमें से 43246 युवाओं के आवेदनों को स्वीकृत किया गया है। इनमें से 31389 को विभिन्न विभागों, बोर्ड व निगमों आदि में मानद कार्य प्रदान किया गया है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को महीने में 100 दिन का काम देने के साथ-साथ आगामी दिनो में कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि युवाओं को निजी क्षेत्र के उद्योगों, व्यवसायों और सेवा क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके। कौशल विकास के लिए प्रदेश सरकार ने हरियाणा कौशल विकास मिशन बनाया है जिसके तहत लगभग 1 लाख 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के पलवल जिला में विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह विश्वविद्यालय देश में अपनी तरह का एक अद्वितीय विश्वविद्यालय है जो प्रमाण पत्र पत्र से लेकर डॉक्रेट स्तर तक शिक्षा प्रदान करता है।

युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना किसी भेदभाव के तथा पारदर्शी ढंग से सरकारी नौकरियां देने के लिए भर्ती प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 13 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी जा चुकी हैं और विभिन्न विभागों में 50 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने ग्रुप सी और डी में साक्षात्कार को खत्म करने का फैसल किया है। पुलिस भर्ती के लिए राष्ट्रीय पुलिस अनुसंधान ब्यूरो द्वारा सुझाई गई टीआरपी पद्धति अपनाई जा रही है। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में स्टेट रेजिडेंट डाटा बेस सर्वे के लिए जिन सक्षम युवाओं को मानद कार्य दिया गया था, उन्हें इस कार्य हेतू नही लगाया गया है, उन्होंने आने वाले महीनों में प्रतिमास 200 घंटे मानद कार्य प्रदान किया जाए ताकि पिछले जिन महीने में उन्हें मानदेय नही मिला, उसकी भरपाई की जा सके। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास पर भी बल दिया जा रहा है। मीडिया द्वारा प्रदेश में रोजगार के लिए बड़े उद्योग स्थापित करने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े उद्योगों की तुलना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में रोजगार के अवसर ज्यादा हैं और सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास कर रही है। 

   मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष उत्सव पर पहली नवम्बर 2016 को शिक्षित बेरोजगारों के लिए सक्षम युवा योजना शुरू की गई थी, जो देश भर अपनी प्रकार की अनूठी योजना है। अप्रैल 2017 में इस योजना का विस्तार करते हुए राज्य के विज्ञान, इंजिनियरिंग व समकक्ष बी.ए. (गणित स्नातकों) तक किया गया है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इस कार्यक्रम का लाभ दिया जा सके। इस योजना के तहत स्नातकोत्तर पात्र बेरोजगारों को 3000 हजार रुपए का मासिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है और उन्हें हर महीने में 100 घंटे काम के बदले 6000 रुपए का मानदेय भी दिया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक युवा को प्रतिमास 9000 रुपए मिलते हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक पात्र बेरोजगारों को 1500 रुपए मासिक का बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है और उन्हें हर महीने 100 घंटे काम के बदले 6000 रुपए मानदेय भी दिया जाता है। ऐसे युवाओं को प्रतिमास 7500 रुपए मिलते हैं। उन्होंने युवाओं का आहवान किया कि वे तकनीकी में निपुण बनें ताकि उन्हें रोजगार के पीछे न भागना पड़े बल्कि रोजगार स्वंय उनके पास आए। इस मौके पर 20 से अधिक युवाओं ने सक्षम योजना में और सुधार के लिए सुझाव दिए और इस कार्य में लड़कियों व महिलाओं ने उन्हें सर्वे कार्य के लिए अकेले भेजने की बजाए समूह में भेजने तथा 15 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य देने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की देश में यह एक अनूठी प्रकार की पहल है और अन्य राज्य सरकारें भी इस महत्वकांक्षी योजना का अनुसरण में रूचि दिखा रही हैं। रोजगार विभाग के प्रधान सचिव टी.सी. गुप्ता ने कहा कि पात्र प्रार्थियों को बेरोजगारी भत्ता और मानदेय के लिए अब तक 77 करोड़ 94 लाख रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अक्वबाला जिला में भी अब तक सक्षम योजना के तहत 2010 आवेदन प्राप्त हुए है जिनमें से 1503 आवेदनों को स्वीकृत किया गया है। इनमें से 1400 सक्षम युवाओं को मानद कार्य प्रदान किया गया है। इस योजना के तहत पात्र प्रार्थियों को बेरोजगारी भत्ते और मानदेय के रूप में अब तक 2 करोड़ 44 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है।  

इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी, विधायक असीम गोयल, श्रीमती संतोष चौहान सारवान, रोजगार विभाग के प्रधान सचिव टी.सी. गुप्ता, अंबाला मंडल आयुक्त विवेक जोशी, रोजगार विभाग के निदेशक अशोक मीणा, उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर बराड़, पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष जगमोहन लाल कुमार,  प्रदेश प्रवक्त संजय शर्मा, ए.डी.सी. आर.के. सिंह सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी और भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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