हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की गहमागहमी खत्म होने के बाद प्रदेश के सत्ताधारी दल कांग्रेस में चुनाव के दौरान अपनी ही पार्टी की फजीहत कराने वालों को सबक सिखाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। 

   पार्टी ने बीती रात जहां शिमला नगर निगम के अपने दो पार्षदों अर्चना धवन, इंद्रजीत सिंह और एक पदाधिकारी अशोक सूद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया वहीं आज पंद्रह और लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है और उनकी प्राथमिक सदस्यता भी खत्म कर दी गई है।
  आज जिन 15 लोगों को कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित किया है उनमें धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से दिग्विजय पुरी, बलदेव चैधरी, अरविंद गुप्ता, अरुण बिष्ट, रजनीश पधा और दुर्गेश नंदनी, कुटलेहड़ विधानसभा क्षत्र से सुमीत शर्मा, रण्बीर राणा और संजीव सैनी, हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के कमल पठानिया, जोगिंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के सुरेंद्र पाल ठाकुर, बिमला चैहान, केहर सिंह और रविंद्र पाल शामिल हैं।

भाजपाध्यक्ष सत्ती ने किया 50 प्लस का दावा

  हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने 9 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा 50 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया है। सत्ती ने आज एक बयान में कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रहे फीड बैक के आधार पर यह तय है कि भाजपा इस बार जीत के सभी रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है।
  उन्होंने चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर किसी तरह के सर्वेक्षण से इंकार किया और कहा कि भारी मतदान से स्वत: ही ये बात साफ हो गई है कि कांग्रेस का प्रदेश से सूपड़ा साफ हो गया है। सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी गुंडागर्दी की, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने भारी मतदान करवाकर इसका कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब दिया। 
  उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की ओर से चुनाव के दौरान कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था अंतिम सप्ताह तक खराब रही, लेकिन बाद में अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस द्वारा चुनाव ड्यूटी के लिए मोर्चा संभालने के चलते स्थिति में कुछ सुधार भी हुआ।

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