हरियाणा में 13 नवम्बर तक मौसम आमतौर पर खुशक रहने व तापमान में हल्की गिरावट, परंतु पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण 14 नवम्बर को बादलवाई तथा कहीं-कहीं हल्की बारिश की सम्भावना है।

        इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के एक प्रवक्ता ने बताया कि 11 नवम्बर से 14 नवम्बर के दौरान अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री के मध्य, न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री के मध्य, हवा में आद्रता 50 से 80 प्रतिशत के बीच और हवा चलने की औसत गति 4 से 8 किलोमीटर प्रति घण्टा होने की सम्भावना है।
        सम्भावित मौसम को देखते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं के लिए समय पर बोई जाने वाली उन्नत किस्मों के बीजों की बिजाई करें, बिजाई से पहले बीज का उपचार बीटाबैक्स या बाविस्टिन का दो ग्राम प्रति किलोग्राम के अनुसार करें। बिजाई करते समय बदलते मौसम का ध्यान अवश्य रखें।
        उन्होंने बताया कि जौं के लिए उन्नत किस्मों के बीजों की बिजाई करें और बिजाई से पहले बीज का उपचार बीटाबैक्स या बाविस्टिन का दो ग्राम प्रति किलोग्राम के अनुसार करें। बिजाई करते समय बदलते मौसम का ध्यान अवश्य रखें। सरसों की फसल के लिए बिरलीकरण तथा खरपतवार का नियंत्रण करें। इसी प्रकार, नरमा, कपास की चुनाई जल्दी-जल्दी पूरी करें ताकि गेहूं की बिजाई समय से की जा सके।
        प्रवक्ता ने बताया कि धान में कटाई व कढाई जल्द से जल्द पूरी करें और धान को मंडी में ले जाने से पहले खुले में अवश्य सुखा लें तथा बदलते मौसम का ध्यान अवश्य रखें। उन्होंने बताया कि खेतों में पराली को न जलाएं, इसे खेत में ही दवा दें ताकि ये खाद बन सके और पर्यावरण सुरक्षित रहे।
        उन्होंने बताया कि हरे चारे के लिए बरसीन व जई की बिजाई के लिए विश्वविद्यालय द्वारा सिफारिश किए गये किस्मों के बीजों की ही बिजाई करें।  उन्होंने बताया कि रात्रि तापमान की गिरावट व परिवर्तनशील मौसम को ध्यान में रखते हुए पशुओं को पशुशाला में रखें तथा चारों तरफ सफाई रखें। उन्होंने बताया कि पुशओं को अच्छे सवास्थ्य व दूध उत्पादन के लिए 50 ग्राम नमक तथा 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रति पशु अवश्य दें तथा हरा चारा भी खिलाएं।

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