हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने महेन्द्रगढ़ जिला के गरीब प्रतिभावान छात्रों के लिए हर वर्ष पांच करोड़ रुपए का एक सहायतार्थ कोष बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही स्वामी रामदेव ने भी नारनौल के आसपास के ऐसे गरीब बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए पतंजलि की ओर से हर वर्ष एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। 
  शिक्षा मंत्री आज महेन्द्रगढ़ के गुरुकुल खानपुर में आयोजित वैदिक सत्संग समारोह में बोल रहे थे। इस समारोह में स्वामी रामदेव मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद थे।
   शर्मा ने कहा कि महेन्द्रगढ़ के किसी भी गरीब बच्चे की पढ़ाई में आर्थिक तंगी आड़े नहीं आएगी, जो प्रतिभावान गरीब छात्र उच्चतर शिक्षा लेना चाहता है या विदेश में पढ़ना चाहता है उसके लिए इस कोष से हर साल सहायता दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्वामी रामदेव हमारी सभ्यता के प्रतीक हैं। उन्होंने भारतीय उद्योग जगत के लिए भी एक बड़ी लकीर खींची है। उन्होंने कहा कि इस माटी में पले हुए ऐसे महान संत पर हमें गर्व है।
  इस मौके पर स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि की ओर से नारनौल के आसपास के गरीब छात्रों के लिए हर वर्ष एक कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा और वे प्रतिभावान छात्रों पर हर वर्ष एक करोड़ रुपए खर्च करेंगे। स्वामी रामदेव ने कहा कि इस क्षेत्र के निवासी केवल जमीन की पैदावार के सहारे आगे नहीं बढ़ सकते, उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे आना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को 18-18 घंटे काम करने के लिए प्रेरित करें। ईश्वर ने कर्मफल की व्यवस्था बनाई है, जो कर्म करेगा वो आगे जरूर बढ़ेगा।
   उन्होंने कहा कि धर्म किताबों में ही नहीं लिखा होना चाहिए बल्कि यह हमारे जीवन का हिस्सा होना चाहिए, इसे अपने आचरण में ढालना चाहिए। इस मौके पर बाबा रामदेव ने गुरुकुल खानपुर में बिताए अपने बचपन के भी कुछ संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर शरणानंद महाराज, राजस्थान के लोकायुक्त एसएस कोठारी, नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव, नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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