चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षा विभाग द्वारा सीनियर सेकैण्डरी स्तर पर कौशल विकास के तहत बच्चों में रोजगारपरक कौशल की वृद्घि करने के मद्देनजर अगले शैक्षणिक सत्र से 100 सरकारी सीनियर सेकैण्डरी स्कूलों में एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। यह एक अपनी तरह का सीखने का मॉडल होगा, जिसके तहत वोकेशनल शिक्षा को और प्रभावी बनाया जाएगा।

यह जानकारी हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की एक बैठक में दी। इस बैठक  में एनएसडीसी, कुनसकापसकोलन, जो एक स्वीडीश संस्था है, भी शामिल थी। स्वीडीश संस्था राज्य में अगले शैक्षणिक सत्र से 100 सरकारी सीनियर सेकैण्डरी स्कूलों में पायलट परियोजना को शुरू करने के लिए आई है। 
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत हरियाणा में वोकेशनल शिक्षा में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पायलट परियोजना को सीखने के लिए वैयञ्चितक उद्देश्य हासिल करने के लिए बनाया गया है। इसके साथ-साथ जीवन के कौशल जैसेकि प्रभावी सक्वपर्क, डिजिटल साक्षरता, उद्यमीकरण, क्रिटिलकल सोच, समस्या निवारण, स्वयं प्रबंधन इत्यादि इस प्रस्तावित नवीनतम तकनीक प्रणाली में होगी, जो विद्यार्थियों को मदद करेगी। इस वर्ष के दौरान इस पायलट कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए 9.4 करोड़ रुपये की राशि का निवेश किया जाएगा, जिसमें से एनएसडीसी के साथ हुए समझौते के तहत 3.4 करोड़ रुपये का निवेश केईडी और मानव रचना अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार, भारत में कार्यरत स्वीडिश कंपनियों के माध्यम से सीएसआर फंडिंग द्वारा तीन करोड़ रुपये और हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से इनोवेशन फंड तीन करोड़ रुपये का निवेश होगा। 
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. के के खण्डेलवाल ने बताया कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की गई, जिसमें रिटेल, आईटी और द्ब्रयूटी एण्ड वैलनैस कौशल को चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन कौशल कार्यक्रमों के लिए इन स्कूलों में अध्यापकों का चयन किया जाएगा और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनएसञ्चयूएफ सहित डिजिटल कन्टेंट, उपकरण के साथ केईडी तकनीक और प्रणाली के प्रयोग के लिए मार्च, 2018 से पहले किया जाएगा। इस पायलट परियोजना में स्काउट्स के शिक्षकों को भी सहयोगी बनाया जाएगा, जो वोकेशनल अध्यापकों के साथ-साथ उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण की जानकारी देंगे। वोकेशनल पाठ्यक्रम को अपनाने वाले छात्रों का स्काउट्स एण्ड गाइड्स में पंजीकरण किया जाएगा। स्काउट अपनाने वाले छात्रों को इस परियोजना के तहत वोकेशनल पाठ्यक्रमों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।  
उन्होंने बताया कि शुरूआत में राज्य में 1001 सरकारी सीनियर सेकैण्डरी स्कूलों में दो कौशल कार्यक्रमों के तहत कवर किया गया है, लेकिन अब 14 कौशल कार्यक्रमों का शुभारक्वभ कर दिया गया है।

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