हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें मल्टीफेरियस पाठ्यक्रम तैयार करना पडे़गा जिससे कि हमारे
युवाओं में देश-प्रदेश की उन्नति में योगदान देने की जागृत आए और उनके मन में भावना
हो कि हमें समाज को कुछ देना है।

वे आज गुरुग्राम जिला के एसजीटी विश्वविद्यालय में सायनर्जी-२०१७
के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढाओ
पर आधारित मां और बेटी के स्टैच्यु का अनावरण किया और केक काटा। उन्होंने
सायनर्जी-२०१७ के तहत लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यदि
एसजीटी विश्वविद्यालय मल्टीफेरियस पाठ्यक्रम में काम करेगा तो उसमें सरकार की ओर
से विश्वविद्यालय को पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय
तथा शिक्षण संस्थान मनुष्य निर्माण में अपना योगदान दें, क्योंकि मनुष्य निर्माण
नहीं हुआ तो विकास का कोई मायना नहीं है।

इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा
कि हरियाणा सन 2030 में कैसा हो, यह विज़न लेकर हम चल रहे हैं और इसके लिए हमने
शिक्षाविदो, समाज शास्त्रियों आदि से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। उन्होंने कहा कि
हरियाणा को दिशा देने में शिक्षा क्षेत्र का बड़ा योगदान है। इंफ्रास्ट्रख्र के
प्रोजैक्ट पूरे होने और सड़के आदि बनने को ही लोग विकास मान लेते हैं लेकिन यह तो
फिजिकल अथवा भौतिक विकास है। उन्होंने कहा कि मनुष्य निर्माण नहीं हुआ तो इस विकास
का कोई मायना नहीं है। मनुष्य, जिसे इस भौतिक विकास की चीजों को आगे लेकर जाना है,
उसका विकास होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में 47 विश्वविद्यालय हैं जिनमें से 11
सरकारी तथा 36 प्राईवेट हैं। एसजीटी विश्वविद्यालय का वातावरण अच्छा है और यहां पर
लगभग 5 हजार विद्यार्थी शिक्षारत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद
सिंह जी, जिन्होंने देश के लिए अपने बच्चों और पिता का बलिदान दिया था, उनके नाम
पर बना यह एसजीटी विश्वविद्यालय विद्यािर्थयों में ऐसी भावना पैदा करे कि वे समाज
को आगे बढाने में रूचि लें। उन्होंने कहा कि अब थ्री आर अर्थात् रीडिंग, राईटिंग
और अर्थमैटिक की शिक्षा से ही काम नहीं चलेगा क्योंकि विशुद्ध रूप से करियरिष्ट
व्यक्ति के मन में समाज को कुछ देने की भावना नहीं आती।

सायनर्जी-2017 में लगाई गई प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों ने नए-नए मॉडल प्रदर्शित कर रखे थे जिनको
देखकर आंखे खुली रह गई। उन्होंने कहा कि वैसे तो कहा जाता है कि ‘नैसेसिटी ईज मदर
ऑफ इन्वेन्शन’ परंतु उनके हिसाब से ‘साईंस ईंज मदर ऑफ इंवेन्शन’ क्योंकि साईंस
अर्थात् विज्ञान से ही नए-नए आविष्कार होते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों
में शिक्षा के माध्यम से जागृति आती है और जागृति से उनमें रूचि पैदा होती है कि
मुझे पढना है। कुछ विद्यार्थियों में देश व प्रदेश को आगे ले जाने की जागृति भी
आती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पहले नौकरियां सिफारिश या
रिश्वत से मिलती थी और जो व्यक्ति पहले ही इंवैस्टमेंट करके आएगा, वह पहले अपनी
इंन्वैस्टमेंट को पूरा करेगा। यह पूर्ति तनख्वा से नहीं बल्कि ऊपर से यानि
भ्रष्टाचार से करने की चेष्ठा करेगा। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए वर्तमान
राज्य सरकार ने नौकरी योग्यता के आधार पर देना तय किया और एचसीएस, डाक्टर,
इंजीनियर, अध्यापकों आदि की भर्तियां मैरिट पर हुई जिससे बच्चे कोचिंग लेने लगे
क्योंकि उनमें यह जागृति आई है कि अब पढने से ही नौकरी मिल सकती है।

इससे पहले मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एसजीटी विश्वविद्यालय के
कुलाधिपति पदमश्री राम बहादुर राय ने कहा कि सन 2030 तक भारत में युवाओं की संख्या
14 करोड़ होने की संभावना है। इन युवाओं को देश के विकास में जोड़ने के लिए एसजीटी
विश्वविद्यालय अपना योगदान देना चाहता है परंतु इस कार्य में अधिकारियों का कोई
अनावश्यक दखल ना हो। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, विज्ञान, तकनीकि शिक्षा, मैडिकल
आदि की शिक्षा सहित जितने भी आयाम हैं उन सभी आयामों पर विश्वविद्यालय काम कर रहा
है। साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा बनने के बाद प्रदेश को श्री मनोहर लाल के रूप
में ऐसे मुख्यमंत्री मिले हैं जो ईमानदार और कर्मठ भी हैं, जिस बात को ठान लेते
हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस युनिवर्सिटी को खड़ा होने
में नीतिगत स्तर पर प्रदेश सरकार सहयोग दे तो यह युनिवर्सिटी देश के पहले 10
विश्वविद्यालयों में होगा। उन्होंने माईक्रोसॉफट कंपनी के सीईओ सत्या नडेला के
साक्षात्कार का भी उल्लेख किया जिसमें वे इन्फोरमेशन और इंस्पिरेशन के लिए पे्ररित
कर रहे हैं। यह विश्वविद्यालय इन दोनो क्षेत्रों के लिए प्रयोग स्थली है।

विश्वविद्यालय के डीन डाक्टर एमएस संधु, डाक्टर टीबी डोगरा ने भी
उपस्थित जन समूह को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने मोबाईल वैलनेस युनिट को किया रवाना:-

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज गुरुग्राम में डीएलएफ फाउंडेशन
की मोबाईल वैलनेस युनिट को भी एसजीटी विश्वविद्यालय परिसर से झण्डी दिखाकर रवाना
किया। इस मोबाइल वैलनेस युनिट में डायबिटिज अर्थात् शुगर तथा कैंसर रोगों की पहचान
के लिए चिकित्सीय परीक्षण की सुविधा दी गई है। डीएलएफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने
बताया कि वैलनेस युनिट के आधे भाग में महिलाओं तथा दूसरे आधे भाग में पुरू षों के
लिए परीक्षण की सुविधा है। उन्होंने बताया कि इसमें सर्विकल, बै्रस्ट और प्रोस्टेट
कैंसर की पहचान जल्द करके मरीज को बचाया जा सकता है। यह सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं
को सुदृढ़ करने में सहायक होगी।

ऐसे होते हैं जनता के मुख्यमंत्री:-

मुख्यमंत्री ने बसई गांव में काफिला रूकवाकर सुनी ग्रामीणों की
समस्याएं:-

आज गुरुग्राम जिला के गांव बुढेड़ा स्थित एसजीटी विश्वविद्यालय से
गुरुग्राम आते समय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपना काफिला अचानक रूकवाकर गांव
बसई वासियों की समस्याएं सुनी। गांव बसई में सड़क किनारे कुछ लोगों को खडे़ देखकर
मुख्यमंत्री ने अपने चालक को गाड़ी रोकने का इशारा किया और देखते ही देखते
मुख्यमंत्री का पूरा काफिला रूक गया। मुख्यमंत्री ने वहां खडे़ ग्रामीणों से
हाल-चाल और खैरियत पूछी जिस पर ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में टै्रफिक जाम
की समस्या आम हो गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि गांव में बने फलाईओवर को यदि
और चौड़ा कर दिया जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है, जिस पर ग्रामीणों ने हामी
भरी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठीक है बसई फलाईओवर को चौड़ा किया जाएगा। इतना कहकर
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का काफिला पुन: सड़क पर दौड़ने लगा और वहां खडे़
ग्रामीण यह कहते सुने गए कि ‘ऐसे होते हैं जनता के मुख्यमंत्री’।

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