अंबाला। खेल गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोडऩे के उद्देश्य से खेल विभाग द्वारा प्रदेश के हर जिला में स्वर्ण जयंती युवा विकास केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के खिलाडिय़ों और खेल प्रशिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाने व खेलों के विस्तार के लिए हरियाणा में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।

खेल मंत्री अनिल विज ने आज अपने आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं और खेल एसोसिएशनों से जुड़े स्थानीय लोगों से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचकूला में स्पोर्टस इंस्टीच्यूशनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा हर जिला में स्वर्ण जयंती सैंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जाएगा। छोटी आयु में ही अच्छे खिलाडिय़ों की पहचान करके उन्हें स्तरीय प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से हरियाणा में 440 गोल्डन जुबली खेल नर्सरियां खोली गई हैं। 

खेल एवं शारीरिक उपयुक्तता नीति 2015 के तहत शारीरिक शिक्षा अध्यापकों पीटीआई और डीपीई के लिए भीम अवार्ड की तर्ज पर एकलव्य अवार्ड, महाराणा प्रताप अवार्ड, रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड, विक्रम आदित्य वार्ड, गुरू वशिष्ठ अवार्ड इत्यादि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की नई खेल नीति के फलस्वरूप हरियाणा ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल हब के रूप में पहचान स्थापित की है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल नीति का ही परिणाम है कि हरियाणा खेल कुंभ कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर आयोजित की गई प्रतियोगिताओं में 6 लाख खिलाडियों ने भाग लिया है और प्रदेश स्तरीय खेल कुंभ में भी 30 हजार से अधिक खिलाडिय़ों के भाग लिया है।

उन्होंने कहा कि अन्य खेलों के साथ-साथ शूटिंग, तीरअंदाजी और तैराकी जैसे खेलों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है क्योंकि इन खेलों में पदक जीतने की संभावनाएं अन्य खेलों की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने बताया कि अंबाला छावनी में 50 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय खेल स्टेडियम, सभी जिलों में बनाए जा रहे बहुखेल सुविधा हाल, गांव स्तर पर स्थापित की जा रही व्यायामशालाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्तमान सरकार ने एक करोड़ ईनाम की कुश्ती व कबड्डी प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन करवाकर प्रदेश के पारम्परिक खेलों को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से गांव स्तर पर अखाड़े और कबड्डी के मैदान फिर से तैयार होने लगे हैं। 

खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारियों को सरकारी वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं और सभी सुविधाओं से युक्त उनके कार्यालय भी तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा खेल स्टेडियमों के नजदीक छात्रावास स्थापित करने की प्रक्रिया आरम्भ की गई है ताकि बाहर से आने वाले खिलाडिय़ों को प्रतियोगिताओं के दौरान आवासीय दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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