वामदलों ने कहा है कि मोदी सरकार नोटबंदी के दौरान मारे गये लोगों की मौत का जश्न मना रही है।

नोटबंदी को एक साल पूरा होने के मौके पर आज सभी छह वामदलों ने सामूहिक विरोध प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार पर नोटबंदी में मारे गये लोगों की मौत का जश्न मनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में माकपा नेता वृंदा करात ने कहा कि मोदी सरकार ने दो रिकार्ड कायम किये। पहला, जनता को कतारों में खड़े होने को मजबूर कर दिया और दूसरा देश दुनिया को नोटबंदी से कालाधन वापस लाने का भरोसा दिलाया। जबकि हकीकत में उन्होंने नोटबंदी के दौरान कालाबाजारी करने वालों को कालेधन को वैध बनाने में मदद की।
करात ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब कोई सरकार अपने नागरिकों की मौत और परेशानियों का जश्न मना रही है। उल्लेखनीय है कि भाजपा की अगुवाई वाली मोदी सरकार ने नोटबंदी लागू किये जाने का एक साल पूरा होने पर इसके फायदों से जनता को अवगत कराने के लिये कई कार्यक्रम आयोजित किये हैं। वहीं भाजपा इसे कालाधन विरोधी दिवस के रूप में मना रही है।
वामदलों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शिरकत करते हुये भाकपा नेता अतुल अनजान ने कहा कि नोटबंदी के बाद किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हुये हैं और नौजवान अपनी नौकरी गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार नोटबंदी लागू करने की अपनी भूल को स्वीकार करने को भी तैयार नहीं है।
अनजान ने नोटबंदी के कारण लोगों की आजीविका छिनने और कारखाने बंद होने का दावा करते हुये कहा कि मोदी ने लोगों के लिये ‘‘नरक’’ बना दिया है। इस मौके पर भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि नोटबंदी और इसके बाद जीएसटी ने आर्थिक तबाही कर दी। इससे न तो रोजगार के अवसर पैदा हुये ना ही आर्थिक वृद्धि हुयी।
सभी छह वामदलों भाकपा, माकपा, फारवर्ड ब्लॉक, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, भाकपा माले और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया ने नोटबंदी के विरोध में आयोजित सामूहिक प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान सभी दलों ने केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों को एकजुट कर देश भर में मजबूत जनांदोलन खड़ा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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