स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रदेश में आंबाला सहित चार जिलों में मोबाईल डिस्पैंसरी सेवाएं आरम्भ की जायेंगी। किंतु स्वास्थ्य विभाग की हालत का अंदाज़ा आप अंबाला के गांव बिहटा के लोगों की प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की बानगी से लगा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री आज अपने आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और सरकारी अस्पतालों में ढांचागत सुविधाओं में भी विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि सुविधाओं के विस्तार से आम व्यक्ति का राजकीय अस्पतालों में विश्वास बहाल हुआ है और ओपीडी में वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2017 तक 20 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। 

उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का चौथा ऐसा राज्य है जहां टीकाकरण के तहत बच्चों में डायरिया के कारण होने वाले मृत्यु को नियंत्रित करने के लिए 3 हजार से अधिक कीमत के रोटावायरस इंजैक्शन निशुल्क लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही निमोनिया के नियंत्रण के लिए भी न्यूमोकोकल नामक मंहगा इंजैक्शन भी राजकीय अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध करवाने की योजना शुरू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में द्वितीय स्तर के ऑप्रेशन भी निशुल्क किए जाते हैं तथा 73 मूलभूत प्रयोगशाला जांच, एक्स रे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी भी निशुल्क की जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों में 357 प्रकार की दवाईयां, 209 मैडिकल कंस्यूमेबलस, 36 लीलन आईटम्ज, 51 प्रोग्राम दवाईयां तथा 33 दंत सामग्री भी निशुल्क दी जा रही है। 
   विज ने बताया कि पंचकूला, फरीदाबाद, भिवानी, खानपुर कलां, पीजीआई रोहतक और मेवात मैडिकल कालेज में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा अंबाला छावनी सिविल अस्पताल में कैथ लैब स्थापित की जा रही है जबकि पंचकूला, फरीदाबाद और गुरूग्राम में इस तरह की लैब स्थापित की जा चुकी है। सिरसा, हिसार, जींद, पंचकूला, फरीदाबाद, अंबाला छावनी और गुरूग्राम में हिमोडायलसिस की सुविधा आरम्भ की जा चुकी है। 
उन्होंने बताया कि अंबाला छावनी में 50 करोड़ रूपये की लागत से बनाए जा रहे आधुनिक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरा होते ही इसी परिसर में 40 करोड़ रूपये की लागत से कैंसर के मरीजों के ईलाज के लिए रिजनल कैंसर टर्सरी सैंटर स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, पंचकर्मा, योगा जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। 
   यहां हम आपको बता दें भले ही हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री लाख दावे करें कि वे प्रदेश की जनता को बहुत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं परंतु हक़ीक़त से मुहं नहीं फ़ेरा जा सकता। आंबाला के ही जिला सिविल अस्पताल में पिछले अढ़ाई सालों से बंद कमरे में सिटी स्कैन मशीन धूल चाट रही है। जिसे जिसके लिए न तो स्टाफ़ है और न ही डॉक्टर।  जिस डॉक्टर को प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग के खर्चे पर सरकार ने जहमत उठाई थी उसे आज तक सरकार तलाश करना तो दूर उसके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई।
 आंबाला के ही गांव बिहटा के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र नायें वांछित डॉक्टरों की पूर्ति को लेकर गांव के सरपंच नवीन राणा और गांव के कई बुज़ुर्ग स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से गुहार लगा चुके है लेकिन अभितक चिकित्सक पूर्ति न होने की वजह लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से बिहटा गांव के आसपास के करीब 25 गांवों के लोग भी परेशानी से प्रभावित हैं। जब आंबाला में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत इतनी ख़स्ता है तो आप अपने आप अंदाजा लगा लें कि बाकी प्रदेश में क्या होगी? यक़ीन न हो तो इस वीडियो को आप खुद सुनं लें।

 

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