इस वर्ष तुलसी विवाह का ये योग करीब सौ साल बाद बन रहा है। हर वर्ष तुलसी विवाह या देवउठानी एकादशी नंवबर माह मे आती थी लेकिन इस वर्ष ये अक्टूबर माह में है।

  हिंदू शास्त्रों के अनुसार तुलसी विवाह का अत्यंत महत्व माना जाता है। इस दिन व्रत करने वाले और तुलसी का विवाह करने वाले के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन माता तुलसी का विवाह करने वालों को कन्या दान का पुण्य मिलता है। तुलसी विवाह हिंदू पंचाग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन होता है। इस दिन को देवउठानी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि इस दिन से सभी मंगल कार्य किए जाने शुरु हो जाते हैं। साथ ही तुलसी विवाह के दिन अबूझ मुहूर्त होता है यानि कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो इस दिन किसी से बिना पूछे कार्य किया जा सकता है और वो निश्चित ही खुशहाली और संपन्नता देता है।

इस वर्ष तुलसी विवाह का ये योग करीब सौ साल बाद बन रहा है। हर वर्ष तुलसी विवाह या देवउठानी एकादशी नंवबर माह मे आती थी लेकिन इस वर्ष ये अक्टूबर माह में है। इस दिन एकादशी का व्रत किया जाता है और जो लोग व्रत करते हैं वो अवश्य ही माता तुलसी का महत्व जानते हुए उनकी पूजा अवश्य करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी का विवाह किया जाता है। ये हिंदू धर्म के अनुसार एक शुभ दिन माना जाता है। इसके लिए कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। तुलसी विवाह के दिन ऐसे कार्य ना करें जिससे माता तुलसी को कष्ट हो और वो अपने भक्तों से रुष्ट हो जाएं।
– इस दिन विशेषकर तुलसी के पौधे के पत्तों को ना तोड़ें।

– वैसे तो रोजाना माता तुलसी को जल चढ़ाना चाहिए लेकिन इस दिन विशेषकर उन्हें जल चढ़ाएं।

– इस दिन विशेषकर चावल ना खाएं।

– इस दिन किसी भी तरह से किसी भी फूल, पत्ते और पेड़ की डाली को तोड़ना वर्जित होता है।

– एकादशी की रात को रात्रि जागरण करें और भगवान विष्णु का जाप करें इससे भगवान प्रसन्न होते हैं।

– आज का दिन हिंदू शास्त्रों में बहुत ही शुभ माना जाता है, इस दिन किसी प्रकार से अपने मन को दूषित ना करें। साथ ही किसी प्रकार से झूठ नहीं बोलना चाहिए। तुलसी विवाह और देवों के जागने का दिन आपको किसी भी तरह से क्रोध करके अपने मन,तन और दिमाग को शांत रखना चाहिए।

– इस दिन ब्रह्मचार्य का पालन करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *