हिमाचल सीएम उम्मीदवार का ऐलान, 83 साल के वीरभद्र से होगा 73 के धूमल का मुकाबला

  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही तमाम अटकलों को विराम लगा दिया है। अमित शाह ने हिमाचल में भाजपा के सीएम चेहरे का एलान कर दिया है। 

भाजपा ने यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के विपरीत हिमाचल में मतदान से ठीक नौ दिन पहले पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को सिरमौर के राजगढ़ में आयोजित जनसभा में तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि हिमाचल में धूमल के नाम और नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। 
उन्होंने कहा कि धूमल अभी पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता हैं और 18 दिसंबर के बाद वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं।
  नेहरू मैदान में आयोजित जनसभा में अमित शाह ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का तो जवाब नहीं देते, गुड़िया को न्याय की बात नहीं करते, लेकिन हमें पूछते हैं कि भाजपा किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। 
उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। मगर आपको सुनना है तो मैं स्पष्ट कर देता हूं कि हिमाचल में भाजपा धूमल के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की तीन चौथाई बहुमत से सरकार बनेगी। 
  भाजपा को बिन दूल्हे की बारात कहने वाली कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं है। उधर, धूमल के मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित होते ही उनके गृह जिले हमीरपुर समेत कई क्षेत्रों में उनके समर्थकों ने खुशी में पटाखे फोड़े। ।  

  73 के धूमल का मुकाबला 83 साल के वीरभद्र से भाजपा ने मतदान से ऐन पहले 73 साल के प्रेम कुमार धूमल को भाजपा का सीएम पद का उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस पहले ही छह बार के मुख्यमंत्री और 83 वर्षीय वीरभद्र सिंह को सीएम का चेहरा बनाकर चुनाव मैदान में उतार चुकी है। राहुल गांधी ने 7 अक्तूबर को मंडी रैली के दौरान वीरभद्र सिंह के नाम की घोषणा की थी।  

प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश में भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को और धार मिलेगी। 

सूबे की सत्ता में आने की पार्टी की उम्मीदें पहले से ही थीं। लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने धूमल के नाम का ऐलान कर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने का दांव चला है। 

अमित शाह की कोशिश कांग्रेस पार्टी को ईकाई अंक में धकेलने की है। अब हिमाचल का मुकाबला धूमल बनाम विरभद्र सिंह के बीच होगा।  धूमल से भाजपा के प्रचार को मिलेगी नई ताकत  धूमल के नाम के ऐलान के बाद भाजपा के प्रचार अभियान में तेजी दिखेगी। पार्टी के प्रचार सामग्रियों में धूमल अब पोस्टर ब्वॉय के रूप में नजर आएंगे। 

  पीएम मोदी और अमित शाह के साथ अब धूमल का चेहरा पार्टी के प्रचार सामग्रियों में प्रमुखता से नजर आएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं को इस आशय के संदेश दिए जा चुके हैं।  क्यों मजबूरी बने धूमल  अमित शाह के जरिए धूमल के नाम के ऐलान के साथ ही सूबे के दूसरे बड़े नेता जेपी नड्डा को एकबार दोबारा से प्रदेश की भाजपाई राजनीति में मात खानी पड़ी है। 

  नड्डा भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे। मगर आलाकमान ने अनुभवी धूमल में अपना विश्वास जताया है। वैसे प्रदेश में आाम जन से लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच सारा हिमाचल डोल रहा है, धूमल-धूमल बोल रहा है सरीखे धूमल के पक्ष में नारे पहले से ही लग रहे थे। 
  अब पार्टी ने धूमल के नाम को आगे कर उनके अनुभव और कार्यकर्ताओं की पुकार को तरजीह दिया है। धूमल का नेतृत्व पार्टी के अभियान को अवश्य ही नई उर्जा प्रदान करेगा। 

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