अंबाला शहर, प्रेम नगर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल अनिल शर्मा की ट्रांसफर का मामला अब शिक्षा विभाग और खुद प्रिंसिपल के गले की फांस बन गया है। दीपोत्सव की पांच दिनों की छ़ुट्टी के बाद सोमवार को प्रिंसिपल अनिल शर्मा की गैर मौजूदगी में खंड शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा के आदेशों की अनुपालना करते हुए उन्हें स्कूल में पहुंचकर पद से विमुक्त कर दिया। इस बात के बाकायदा आर्डर उनके रिकार्ड रजिस्टर में लगा दिए गए।
  दरअसल, प्रेम नगर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल अनिल शर्मा को 5 वर्ष से अधिक समयावधि बित जाने और स्कूल की ही एक अध्यापिका से चल रहे विवाद के चलते सोनीपत के बिचपड़ी स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया था। 


हालांकि विभागीय आदेश में विवाद को कारण नहीं बनाया गया था। प्रिंसिपल ने आदेशों की अनुपालना करते हुए अगस्त में स्कूल रिलीव कर बिचपड़ी ज्वाइन भी कर लिया था लेकिन उनके एमआइएस पोर्टल पर उनकी ट्रांसफर कैंसिल दिखाई जा रही थी। इसी को आधार बनाकर उन्होंने एक माह के भीतर दोबारा से अंबाला में ज्वाइनिंग कर ली थी। 


ज्वाइनिंग के बाद गत दिनों जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रिंसिपल को रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए थे लेकिन अभी तक प्रिंसिपल ने रिलीव नहीं किया था। सोमवार को डीईओ ने सुधीर कालड़ा को इन आदेशों की अनुपालना कराते हुए प्रिंसिपल को रिलीव कराने के आदेश दे दिए।

मैं कोर्ट में स्कूल के कार्य से ही गया था। खंड शिक्षा अधिकारी ने यह लिख दिया कि उनकी गैर मौजूदगी में उन्हें रिलीव कर रहा हूं। जब मैं विभागीय कार्य से गया था और बकायदा रजिस्टर में लिख कर गया तो ऐसे क्या नौबत आ गई कि मेरी गैर मौजूदगी में ही मुझे रिलीव कर दिया गया। यहां तक की मुझे बुलाना या बताना भी जरूरी नहीं समझा। जब तक निदेशालय से आदेश नहीं आते तब तक मैं रिलीव नहीं करूंगा।

अनिल शर्मा, प्रिंसिपल।

डीईओ उमा शर्मा के लिखित आदेश पर कार्रवाई की गई। डीईओ ने लिखा है कि निदेशालय से दूरभाष पर प्रिंसिपल को स्कूल से रिलीव कराने के आदेश मिले हैं। इसीलिए उन्हें रिलीव कराया जाए। आदेशों की अनुपालना करते हुए मैंने स्कूल में जाकर उन्हें रिलीव कर दिया। जब प्रिंसिपल कार्यालय में नहीं थे तो मैंने लिख दिया कि उनकी गैर मौजूदगी में उन्हें रिलीव किया जा रहा है। प्रिंसिपल ने रजिस्टर में लिखा है कि वह सीजेआई कोर्ट में जा रहे हैं। यह तो चीफ जस्टिस आफ इंडिया की कोर्ट है। न उन्होंने इसके लिए डीईओ से पूछा न मुझे जानकारी दी। इतना ही नहीं खुद उन्होंने फोन पर भी यह जानकारी नहीं दी। इसकी भी जांच कराई जाएगी।

सुधीर कलाड़ा, खंड शिक्षा अधिकारी।

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