‘दादूपुर नलवी नहर परियोजना को रद्द करने के विरोध में
कांग्रेस ने शाहबाद में किया धरना-विरोध प्रदर्शन’

कांग्रेस सरकार बनने पर बहाल करेंगे दादूपुर नलवी नहर परियोजना – सुरजेवाला

कुरुक्षेत्र (शाहबाद)। दादूपुर नलवी परियोजना को प्रदेश मंत्रीमंडल द्वारा रद्द किया जाना किसान-विरोधी होने के साथ-साथ गैरकानूनी और संविधान केभी खिलाफ है। कांग्रेस इस जनविरोधी और गैरकानूनी कदम का हरस्तर पर विरोध करेगी। यह घोषणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी, श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला नेआज शाहबाद में पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी द्वारा आयोजित एक विशाल धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए की। दादूपुर नलवी नहरबचाने के लिए जारी न्याय-युद्ध के तहत क्रमिक भूखहड़ताल एवं धरना आज 51वें दिन में प्रवेश कर गया।धरना प्रदर्शन में किसान यूनियन के प्रधान व किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और हरपाल सिंह के अलावा उत्तरी हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए हजारों किसानों ने भाग लेकर प्रदेश भाजपा सरकार द्वारा दादूपुर नलवी नहर परियोजना को रद्द करने के फैसलेपर कड़ा विरोध जताया। सुरजेवाला के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के अनेक पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों औरनेताओं ने भी  भाग लिया।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए श्री सुरजेवाला ने कहा किप्रदेश की भाजपा सरकार का रवैया पूरी तरह से किसान-विरोधी है। किसानों को दादूपुर नलवी नहर परियोजना का पूरा मुआवजा देने की बजाए प्रदेश के मंत्रीमंडल ने इस संबंध में लाए गए एक संशोधन बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना ही गैरकानूनी रूप से इस परियोजना को रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की इस लड़ाई में पूरी तरह से उनके साथ है और इस संघर्ष में किसानों केहकों की लड़ाई को अदालत के अलावा विधानसभा के अंदर और बाहर भी मजबूती से लड़ा जायेगा।

 सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश के किसान खट्टर सरकार केइस गलत फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे और पूरी कांग्रेस पार्टीकिसानों की इस लड़ाई में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार केइस जनविरोधी फैसले से अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के225 गांवों की लगभग एक लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के संसाधनों से वंचित होना पड़ेगा, जिससे भाजपा की किसान विरोधी सोच का पता चलता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इसफैसले से एक बार फिर सिद्ध हो गया है कि उसे गरीबों और किसानों के हितों से कोई सरोकार नहीं है।

 सुरजेवाला ने याद दिलाया कि दादूपुर नलवी सिंचाई योजना1985 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा शुरु की गई थी। अक्टूबर 2005 में कांग्रेस ने ही एक बार फिर से इस योजना का नया चरणचालू किया और किसानों को सिंचाई उपलब्ध करवाने के लिए शाहबाद फीडर, शाहबाद डिस्ट्रब्यूटरी और नलवी डिस्ट्रीब्यूटरी के लिए 1019 एकड़ जमीन को अधिग्रहित किया गया। जमीनअधिग्रहण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक लगभग 200 करोड़ रूपए भुगतान किए जा चुके हैं। इसके अलावा सिंचाई विभाग द्वारा इन नहरों को बनाने में 111 करोड़ 17 लाख रूपए खर्च किए जा चुके हैं। 300 करोड़ रूपए से ज्यादा खर्च करने के बाद उत्तरी हरियाणा के लिए बेहद जरूरी इस परियोजना को रद्द करके खट्टर सरकार ने उत्तरी हरियाणा के लाखों किसान परिवारों के हितों पर कुठाराघात किया है।

‘सुरजेवाला आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारों के बीच श्री सुरजेवाला ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर किसानों को फसलों के पूरे दाम दिए जाएंगे और उन्हें कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालने के लिए कर्जामाफी की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों ने किसान की फसल की ‘लागत +50 प्रतिशत मुनाफा’ देने का वायदा कर सत्ता हथियाई और सिंहासन पर बैठते ही सबसे पहले किसान-मजदूर के हकों पर कुठाराघात किया। किसानों पर पुलिस लाठीचार्ज का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब करनाल-कुरुक्षेत्र-शाहबाद-अंबाला का किसान आलू व टमाटर की फसलें 2 रूपए किलो से भीकम की बिकावली के विरोध में सडक़ों पर उतरा तो खट्टर सरकार ने उन पर लाठियाँ  भांजी। यही हाल पापुलर व सफेदे की लकड़ी का हुआ, जिसके दाम 1200-1400 रूपए प्रति क्विंटल से गिरकर 600-800 रूप्ए प्रति  क्विंटल तक आ गए और किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

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