दीपावली पर्व पर अंधेरा में डूबा डेरा सच्चा सौदा, नाम चर्चा घर।

  अंबाला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और मुहं बोली बेटी हनीप्रीत की दीपावली इस बार जेल में ही मनी। गुरमीत रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है और हनीप्रीत अंबाला की सेंट्रल जेल में। 

सिरसा डेरे में इस बार दीपावली की रौनक नहीं सुनसान अंधेरा और सन्नाटा पसरा हुआ था। नाम चर्चा घरों में भी अंधेरा छाया रहा। पिछले साल दिवाली से पहले 23 सितंबर को डेरा प्रमुख की फिल्म एमएसजी द वारियर लायन हार्ट की प्रमोशन के दौरान डेरा प्रेमियों ने एक साथ 150009 दीये जलाकर रिकॉर्ड बनाया गया था।

 अंबाला सेंट्रल जेल में बंद हनीप्रीत से बुधवार को करीब साढ़े चार बजे उसके परिजन मिलने के लिए आए। मुलाकात कक्ष में बने शीशे के केबिन में लगे इंटरकाम से अपने परिवार से बात कर उसकी आंखें छलक पड़ीं। यह देखकर उसके पिता रामानंद तनेजा, माता आशा तनेजा, भाई साहिल तनेजा और भाभी सोनाली तनेजा भी स्वयं को रोक नहीं पाए और वह भी रो पड़े।

 मुलाकात करने आए परिजनों ने बारी-बारी उसका हाल-चाल पूछा और एक-दूसरे को हौंसला दिया। करीब 45 मिनट तक चली कड़ी सिक्युरिटी के बीच चली मुलाकात के दौरान उन्होंने न केवल हनीप्रीत को जल्द जेल से रिहाई का भरोसा दिलाया।शीशे पर हाथ रखकर दोनों ने एक दूसरे को महसूस किया लेकिन अपने दर्द को छिपा नहीं सके। डीजीपी से अनुमति लेकर हनीप्रीत का परिवार पहली बार उससे मुलाकात करने पहुंचा था। परिजन हनीप्रीत को कपड़े आदि देकर वापस लौट गए। इस दौरान साथ आए अधिवक्ता व चचेरे भाई को नहीं मिलने दिया गया। इस मुलाकात पर गुप्तचर और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नज़र थी।

 गौरतलब है कि 25 अगस्त को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआइ कोर्ट में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हुए उपद्रव और आगजनी के आरोप में हनप्रीत पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था। करीब 38 दिन की फरारी के बाद उसे पंजाब से गिरफ्तार किया गया था। नौ दिन के रिमांड के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया था।
बुधवार को अंबाला पहुंचने के बाद हनीप्रती का परिवार सबसे पहले एसपी अभिषेक जोरवाल से मिला। उनके आदेश पर बलदेवनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रजनीश यादव जांच के बाद उन्हें सेंट्रल जेल ले गए। उनके साथ मौजूद अधिवक्ता व चचेरे भाई सिद्धार्थ को नियमों का हवाला देते हुए हनीप्रीत से मिलाने से मना कर दिया गया। दोपहर बाद करीब साढ़े चार बजे आरंभ हुई मुलाकात सवा पांच बजे तक चली। इससे पहले मंगलवार को परिवार ने डीजीपी से मिलकर मुलाकात के लिएं आवेदन किया था।
रुटीन में हनीप्रीत से कराई मुलाकात
जेल अधीक्षक सुखराम बिश्नोई का कहना है कि हनीप्रीत से मिलने के लिए उसके माता-पिता व भाई-भाभी सिरसा से आए थे। उनकी मुलाकात कराई गई है। परिवार ने हनीप्रीत को जो कपड़े दिए हैं, उनकी अच्छे से जांच के बाद ही भीतर ले जाने दिया गया। कानूनी कार्यवाही के लिए लाए गए दस्तावेजों को हनीप्रीत के हस्ताक्षर करवाकर बाहर भेज दिया गया।

वेरिफिकेशन के बाद मिली इजाजत

– पुलिस ने मुलाकात करवाने से पहले परिवार के सभी सदस्यों की वेरिफिकेशन की। इसके अलावा उनके आई कार्ड भी कब्जे में लिए।
– सुरक्षा से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे मुलाकात की इजाजत दी गई। 
– पता चला है कि हनीप्रीत का परिवार एक वीआईपी कार से जेल पहुंचा। यह कार भी सिरसा की बताई जा रही है। जिसकी पुलिस ने पूरी डिटेल भी हासिल की है।
 
 जेल की इमरजेंसी में होगा इलाज

– हनीप्रीत को जेल से बाहर नहीं लाया जाएगा। किसी भी हालात में उसका जेल की चारदीवारी में ही इलाज होगा।  इसके लिए जेल में इमरजेंसी रूम भी बनाया गया है।  साथ ही डॉक्टरों को भी इमरजेंसी की सूरत में जेल लाया जाएगा ताकि हनीप्रीत को इलाज दिया जा सके।
– किसी खास परिस्थिति में ही उसे जेल से बाहर हॉस्पिटल में भेजा जाएगा।

 

सुखदीप से नहीं मिलने पहुंचा कोई

– इसी केस में हनीप्रीत के साथ सुखदीप भी अंबाला सेंट्रल जेल में बंदी रखी गई है। मगर दीवाली के मौके पर उससे मिलने कोई नहीं आया। जबकि वह दिनभर अपने घरवालों के आने का इंतजार करती रही। 

– जब जेल में हनीप्रीत के फैमिली की मुलाकात को लेकर आवाज आई तो यह सुनकर वह मन ही मन रोने लगी। खैर, हनीप्रीत ने वापस लौटकर उससे बातचीत की।

 – जेल इंचार्ज रजनीश कुमार यादव ने बताया कि हनीप्रीत से परिवार के चार लोगों ने मुलाकात की है। उसके चचेरे भाई को नहीं मिलने दिया। वह लोग एक बैग लेकर आए थे।
 
हनीप्रीत पर दंगा भड़काने का आरोप
– दरअसल, जेल में कैद हनीप्रीत पर 25 अगस्त को डेराचीफ के खिलाफ सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद दंगा भड़काने का आरोप है। 

– पुलिस ने उस पर देशद्रोह का केस दर्ज किया है। इसी केस में पंचकूला एसआईटी ने हनीप्रीत को अरेस्ट किया था। 

– पूछताछ पूरी होने के बाद उसे जेल की 32 चक्की के 11 नंबर सेल में कैद करवाया था। 

– बता दें कि हनीप्रीत डेराचीफ की सबसे नजदीकी और राजदार मानी जाती है इसलिए उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में कैद रखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *