पिछले चुनावों के पांच साल बीत जाने के बाद इस तरह की बातें करना बिलकुल भी अनुचित नहीं है।
कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर बीजेपी की मदद करने के आरोप लगाने के एक दिन बाद रविवार को गुजरात के सीएम विजय रुपानी ने दावा किया कि 2012 के चुनावों में पैनल ने कांग्रेस की मदद की थी। पीटीआई के अनुसार इंडिया टीवी द्वारा आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के दौरान विजय रुपानी ने कहा कि 2012 के विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी को काम करने से रोकने के लिए कांग्रेस की शह पर चुनाव आयोग ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू कर दिया था, ताकि राज्य सरकार किसी भी विकास कार्य को पूरा न कर सके। 2012 में चीफ इलेक्शन कमिश्नर वीएस संपथ ने 3 अक्टूबर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में एक साथ चुनाव  का ऐलान कर दिया था।

रुपानी ने कहा कि उस समय मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट 83 दिनों तक चला था। संपथ के साथ चुनाव आयोग में नसीम जैदी और एचएस ब्रहमा भी थे। वहीं विजय रुपानी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए संपथ ने कहा रुपानी अनुचित और बेबुनियाद बातें कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान संपथ ने कहा कि चुनाव आयोग हमेशा स्वतंत्रता की उच्चतम परंपराओं का पालन करता है और कभी भी अपने संवैधानिक कर्तव्यों से समझौता नहीं करता। पिछले चुनावों के पांच साल बीत जाने के बाद इस तरह की बातें करना बिलकुल भी अनुचित नहीं है।
संपथ के अलावा एचएस ब्रहमा ने भी इससे इनकार किया कि 2012 में किसी के दवाब में आकर चुनाव आयोग ने काम किया था। ब्रहमा ने कहा कि हां, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट की अवधि ज्यादा लंबे समय तक थी लेकिन यह कहना बहुत गलत है कि चुनाव आयोग ने किसी पार्टी के दवाब में आकर कार्य किया था। वहीं नसीम जैदी से इस मामले को लेकर संपर्क किया गया तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। बता दें कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में दो हफ्ते के अंदर-अंदर पांच साल का टर्म पूरा हो रहा है। चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश के चुनावों की तारीख का ऐलान कर दिया है लेकिन अभी गुजरात चुनावों की तारीख नहीं बताई है। इसी मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और विपक्ष चुनाव आयोग पर बीजेपी की मदद करने का आरोप लगा रहा है।

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