किसान चाहेंगे तो वापस मिलेगी जमीन, सरकार नहीं करेगी बाध्य

चंडीगढ़।

चंडीगढ़ में मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए। -विक्की घारू

चंडीगढ़ में मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए। -विक्की घारू

दादुपुर-नलवी सिंचाई परियोजना को रद्द करने के बाद उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसानों के साथ कोई जबरदस्ती नहीं करेगी। कैबिनेट ने बेशक किसानों को जमीन वापस लौटाने का फैसला लिया है लेकिन जमीन वापस लेने के लिए किसान बाध्य नहीं होंगे। यह उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा। जो किसान जमीन वापस लेना चाहेंगे वे मुआवजा वापस देकर जमीन ले सकेंगे।
मंगलवार को चंडीगढ़ में मीडिया से रुबरु हुए सीएम ने कहा, लगभग 1 हजार 19 एकड़ भूमि इस परियोजना के लिए एक्वायर की गई थी। हालांकि इतनी ही जमीन और भी अधिग्रहण करने का फैसला पूर्व की सरकारों ने लिया था लेकिन नहर के साथ रजबाहे व नाले नहीं बनाने की वजह से पूर्व की कांग्रेस सरकार ने बाकी जमीन अधिग्रहण नहीं करने का फैसला लिया। 1019 एकड़ भूमि में से 167 एकड़ के लगभग ऐसी भूमि है, जिसके भू-मालिकों ने एन्हांसमेंट के लिए हाईकोर्ट में केस किया हुआ था।
हाईकोर्ट द्वारा एन्हांसमेंट बहुत अधिक तय किए जाने के बाद सरकार ने इसे डि-नोटिफाई करने का फैसला लिया। एक सवाल पर सीएम ने कहा, 1019 एकड़ भूमि का अधिग्रहण रद्द करने का निर्णय लिया गया है। अब संबंधित किसानों में से जो भी अपनी जमीन वापस लेना चाहते हैं, वे इसे वापस ले सकते हैं। जो किसान जमीन वापस नहीं लेना चाहते, उन पर भी किसी तरह का दबाव नहीं होगा।
जब सीएम ने पूछा गया कि 167 एकड़ भूमि वाले किसान भी अगर जमीन वापस नहीं लेते तो उन्हें मुआवजा हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार मिलेगा या नहीं के जवाब में सीएम ने साफ कहा, मुआवजा तो पहले ही दिया जा चुका है। इससे ज्यादा सरकार नहीं देगी। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट में रिवाइज पिटिशन लंबित है।
समतल करने का खर्चा मिलेगा
जिन किसानों की भूमि में नहर की खुदाई हो चुकी है, अगर वे अपनी जमीन वापस लेते हैं तो जमीन को समतल करने का खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जा सकता है। सीएम ने इस तरह के संकेत दिए हैं। वहीं खट्टर ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर ज्यादातर किसान (जहां नहर खुद चुकी है) जमीन वापस नहीं लेते हैं तो इस नहर का प्रयोग किया जाता रहेगा। भूजल रिचार्जिंग के लिए यह परियोजना काम करती रहेगी।


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा बोले
सोनीपत। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दादुपुर-नलवी नहर के मामले में अभय चौटाला के मिट्टी बेचने के आरोप पर कहा कि जो जैसा होता है, उसे वैसा ही दिखता है। इससे ज्यादा वे क्या कह सकते हैं। मौजूदा भाजपा सरकार दिशाहीन है, इसे यह मालूम नहीं है कि करना क्या है और कैसे करना है।

सांसद राजकुमार सैनी की नसीहत
शाहाबाद मारकंडा। भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा सरकार को दादुपुर नलवी नहर के निर्माण को रद‍्द करने के निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो गलतियां पूर्व कांग्रेस और इनेलो सरकारों ने की, उसे फिर से न दोहराए। सैनी यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

    सिविल व पुलिस प्रशासन को सीएम की क्लीन-चिट
चंडीगढ़। डेरा प्रकरण के दौरान हुई हिंसा के मामले में सरकार सिविल या पुलिस प्रशासन के किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। सीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरे मामले से निपटने में सिविल व पुलिस प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही। खट्टर ने कहा, हिंसा के लिए जो लोग जिम्मेदार थे, वे सलाखों के पीछे हैं। मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से जब उनसे पूछा कि पंचकूला हिंसा के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी तो सीएम ने दो-टूक कहा, जो जिम्मेदार थे वे गिरफ्तार हो चुके हैं।

    हाइड्रो प्रोजेक्ट में धांधली नहीं 
पिंजौर में कौशल्या डैम पर एक ही परिवार की कंपनियों को 8 हाइड्रो प्रोजेक्ट अलॉट किए जाने में धांधली के आरोपों को सीएम ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के दो सदस्य इसके हक में हैं। चेयरमैन द्वारा लिखे गए पत्र पर उन्होंने कहा, अभी बिजली विभाग ने किसी तरह का समझौता नहीं किया है। आयोग का फैसला होने के बाद ही बिजली की दरें तय होंगी। पंचकूला नगर निगम ने तो जमीन लीज पर देने का प्रस्ताव ही पास नहीं किया तो सीएम ने कहा, इस बारे रिपोर्ट ली जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *