चंडीगढ़। हरियाणा के पुलिस अधिकारियों को सख्त व कड़े दिशानिर्देश देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में विशेषकर गैंगस्टरों और अपराध व आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जीरो टोलरेंस नीति अपनाई जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे कार्य दिवसों के दौरान अपने कार्यालयों में प्रात: 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच दो घण्टे के लिए जनता की शिकायतों का निवारण करने के लिए उपलब्ध होने चाहिए। इसके अतिरिक्त, वे सांसदों, विधायकों और अन्य सार्वजनिक प्रतिनिधियों के टेलीफोन का उत्तर भी दें।

        मुख्यमंत्री, जिनके पास प्रदेश का गृह विभाग भी है, आज यहां पंचकूला में प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
        उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जिलों में कानून व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी तरीके से बनाए रखने के लिए स्मार्ट पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जांच व निरीक्षण के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए और सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेना चाहिए ताकि लोगों का विश्वास और बढ़ सके।
        मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हाईवे पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं और हाईवे तथा शहरी क्षेत्रों में घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। इसके अलावा, पुलिस थाना स्तर पर सीसीटीवी कैमरा का बैकअप एक वर्ष के लिए होना सुनिश्चित किया जाए।
        उन्होंने जिलावार कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और पुलिस अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएं। उन्होंने पुलिस द्वारा की जानी वाली न्यायोचित कार्यवाही पर सरकार का सहयोग देने का वायदा किया और पुलिस अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि सरकार किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार और पक्षपात सहन नहीं करेगी।
        उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी तरीके से लगभग 4500 सिपाहियों की भर्ती की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए पीएनडीटी एक्ट के अन्तर्गत सभी पंजीकृत मामलों पर कार्यवाही करें। इसके अलावा, स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों में स्वच्छता को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
        मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे पीसीआर वाहनों के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी कार्यक्रमों की भूमिका व हिस्सेदारी ज्यादा से ज्यादा होना सुनिश्चित करें। उन्होंने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा संख्या में चालक प्रशिक्षण संस्थान को स्थापित करने के लिए सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए।
        त्यौहारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पूरे प्रदेश में जनमानस की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान पुलिस बल को और अधिक चौकसी और सतर्कता बरतनी चाहिए।
        शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करवाएं।
        प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए विशेष बटालियन के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को इस सम्बन्ध में सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। यह बल राज्य पुलिस और सीएपीएफ के बीच एक बफर का कार्य करेगा।
        उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में एक अलग एकीकृत यातायात पुलिस स्टाफ हो और इसकी शुरूआत सभी नगरनिगमों से होनी चाहिए और उसके पश्चात अन्य जिलों में भी इसका क्रियान्वयन होना चाहिए।
        बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री बी एस संधु ने कहा कि आगामी 1 नवम्बर, 2017 से पुलिस थानों में पुलिस मित्र कक्ष संचालित हो जाएंगे। इसके अलावा, संगठित अपराध को नियंत्रित करने के लिए स्थापित की गई विशेष टास्क फोर्स का संचालन भी आगामी 1 नवम्बर, 2017 से शुरू हो जाएगा। उन्होंने पुलिस विभाग में पारदर्शी तरीके से लगभग 4500 पुलिसकर्मियों की भर्ती करने पर भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने बैठक में बताया कि लगभग 1200 पुलिसकर्मी स्नातक या स्नातकोत्तर हैं। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों की भी जानकरी दी। उन्होंने बताया कि एक विशेष अभियान के अन्तर्गत झपटमारों और खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और पिछले तीन माह के दौरान 808 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और इनके कब्जे से 12.59 करोड़ रुपये की राशि को भी रिकवर किया गया है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अकील मोहम्मद, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी अनिल राव के साथ-साथ विभिन्न जिलों के पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित थे।

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