पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं समेत कई छात्र और दो पत्रकार भी घायल हुए हैं।


वाराणसी। छेड़खानी की एक घटना के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने कल रात वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं समेत कई छात्र और दो पत्रकार भी घायल हुए हैं।

हिंसा के मद्देनजर विश्वविद्यालय ने कल से दो अक्तूबर तक छुट्टियों की घोषणा कर दी है। पहले विश्वविद्यालय में पहले 28 सितंबर से छुट्टी होने वाली थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभागीय आयुक्त, वाराणसी से घटना के बारे में आज रिपोर्ट मांगी। उधर, समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न दलों ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।
पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं समेत कई छात्र और दो पत्रकार भी घायल हुए हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि संघर्ष के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए। इस दौरान छात्रों ने आगजनी भी की।
पुलिस और विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार हिंसा तब हुई जब गुरुवार को हुई कथित छेड़खानी का विरोध कर रहे कुछ छात्र कल रात विश्वविद्यालय के कुलपति से मिलना चाहते थे।
सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोका और पुलिस को सूचित किया गया।
बीएचयू के प्रवक्ता ने कहा कि कुछ छात्र कुलपति के आवास में जबरन प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोका। इसके बाद छात्रों में शामिल हो गए ‘बाहरी’ लोगों ने पथराव किया। हालात पर नियंत्रण करने के लिये पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने लखनऊ में कहा, ‘‘मैंने वाराणसी के संभागीय आयुक्त से समूची घटना के बारे में रिपोर्ट मांगी है। 

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