चण्डीगढ़।  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज कहा कि राज्य सरकार ने हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के माध्यम से आगामी दो वर्षों के दौरान दो लाख युवाओं को नौकरियां प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सरकारी विभागों में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के रिक्त पदों के बैकलॉग को भरने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

       मनोहर लाल आज यहां उनके आवास पर प्रदेश के सभी जिलों से आए पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ अपनी किस्म की पहली इंटरैक्टिव बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। 
        ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री द्वारा इस ढंग से लोगों से बातचीत की गई है, जहां पर समाज के कल्याण के लिए उन लोगों से सुझाव भी लिए गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीतियां और कार्यक्रम बनाते समय उनसे प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता, श्रेणी तीन और चार की नौकरियों में साक्षात्कार प्रणाली समाप्त करने और प्रशासन में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने सहित विभिन्न मामलों पर राज्य सरकार की सराहना भी की।
        उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा के नाम पर कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाला हरियाणा पहला राज्य है और अब राजस्थान भी इस प्रकार के विश्वविद्यालय की स्थापना करने के लिए हरियाणा का अनुकरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने मैसन, सैलून, गोल्डस्मिथ सहित विभिन्न टे्रडों के लगभग 50 कोर्सों को शामिल किया है  और जो इस नये युग में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में स्वयं को प्रशिक्षित कराने के इच्छुक हैं, वे इन ट्रेडों में दाखिला ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास केन्द्रों द्वारा फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने पर अंकुश लगाया जाएगा। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण की कमी के कारण रोजगार नहीं मिलता है। सरकार द्वारा एक योजना तैयार की जा रही है, जिसके अन्तर्गत प्रदेश के सभी कौशल विकास केन्द्रों को राज्य सरकार द्वारा स्थापित कौशल विकास मिशन या सम्बन्धित विश्वविद्यालय के अन्तर्गत चलाया जाएगा। 
        राज्यसभा में राष्ट्रीय पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के बिल को पास न होने देने के लिए कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा ‘मुझे विश्वास है कि सरकार को उपरी सदन में समर्थन मिलेगा और इस बिल को पास किया जाएगा’। उन्होंने लोगों का आहवान किया व कांग्रेस की इस ओबीसी विरोधी मानसिकता का भी खुलासा करें, जिसके कारण राज्यसभा में यह बिल पास नहीं हो सका।
        उन्होंने कहा कि हरियाणा ने प्रदेश में पिछड़े वर्गों के लोगों का कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पहले ही पिछड़े वर्ग आयोग का गठन कर दिया है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में घुमंतू जातियों के लिए भी योजना तैयार की गई है ताकि वे विभिन्न स्थानों पर घूमने के बजाए एक स्थान पर बस सकें। इसके लिए हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड का भी गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो राज्य सरकार घुमंतू जातियों के लोगों को आवासीय सुविधा भी प्रदान करेगी।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों में बिजली बिलों की अदायगी न करने की मानसिकता पैदा करने के लिए पिछली सरकारों पर आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से अपने बिजली के बिलों की अदायगी करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि  प्रदेश के हित में इस मानसिकता को बदलने के लिए सरकार के अतिरिक्त समाज का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अब लोग बिजली चोरी पर लगाए गये जुर्माने के विरूद्घ अधीक्षक अभियंता, ऑपरेशन के समक्ष अपील कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 अधीक्षक अभियंता (ऑपरेशन) कार्यरत हैं।
        पिछड़े वर्गों के लोगों को मुख्य धारा में लाने की वचनबद्घता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय द्वारा दिए गये अन्त्योदय के मंत्र पर कार्य कर रही है, जिसके अनुसार अंतिम पंक्ति में खडे़ व्यक्ति का उदार सुनिश्चित किए बिना समृद्घ समाज के स्वप्न को साकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें भोजन, आश्रय, बच्चों को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा, सस्ती चिकित्सा सुविधाएं, कौशल विकास और रोजगार जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं देने का हरसम्भव प्रयास कर रही है।  
        मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के लगभग 30 महीनों के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में सभी स्तरों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गये हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को ऑनलाइन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप खाद्यान्न वितरण में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। सरकार पीडीएस में ऑनलाइन प्रणाली लागू करने के उपरांत सरकार लगभग 20,000 मीट्रिक टन खाद्यान्न प्रतिमास की बचत करने में सफल हुई है।
        उन्होंने कहा कि आगामी मास में स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए प्रदेश में एक सर्वेक्षण करवाया जाएगा, जिसके आधार पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से स्टीक सूचना देने का आग्रह किया ताकि पात्र लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए समाज के प्रबुद्घ लोगों और चयनित प्रतिनिधियों की सेवाएं भी ली जाएंगी। 
        अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग कल्याण राज्य मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के लिए 11 नये होस्टलों की स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन जातियों के लाभपात्रों को दी जा रही ऋण राशि डेढ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने पर भी विचार कर रही है। 
        अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री अनिल कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को आईआईटी, एनआईटी और एमबीबीएस के लिए निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे पूर्व केवल बैंकों में प्रोबेशन ऑफिसर के पद के लिए ही कोचिंग दी जा रही थी। इस समय इन कोचिंग कक्षाओं में अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों की श्रेणियों के 2000 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने ऋण के लिए प्रक्रिया को भी सरल किया है। अब लोग विभाग से ऋण प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल इस वैबसाइट का शीघ्र ही शुभारम्भ करेंगे। 
हरियाणा पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम के अध्यक्ष श्री राम चन्द्र जांगड़ा ने कहा कि वर्ष 1980 में इस बोर्ड के गठन के बाद सोनीपत जिला में केवल एक करोड़ रुपये का ऋण दिया गया, जबकि आयोग के अध्यक्ष का कार्यभार सम्भालने के उपरांत इस जिले में लाभपात्रों को 2.56 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।
इस अवसर पर राज्य बीजेपी मीडिया प्रभारी श्री राजीव जैन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक मंगला और पिछड़े वर्गों के भारी संख्या में प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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