अगर आप वास्तविक OECD आंकड़े देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को नंबर वन कहना गलत है।

  

कुछ ही दिन पहले एक रिपोर्ट आई जिसमें दावा किया गया है कि भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार दुनिया सबसे विश्वसनीय सरकार है। इस रिपोर्ट का मतलब थे था कि भारत के लोग अपने देश की सरकार पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। फोर्ब्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 73 फीसदी भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भरोसा करते हैं। ये डाटा दुनिया में सबसे अधिक है। जबकि दूसरे नंबर पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो हैं, तीसरे नंबर पर तुर्की है, जबकि चौथे और पांचवें नंबर पर क्रमश: रूस और जर्मनी है। इस खबर को भारत के साथ साथ दुनिया भर में प्रमुखता मिली। लेकिन हम आपको बता दें कि ये डाटा गलत है और जनता का भरोसा जीतने में नरेन्द्र मोदी सरकार दुनिया में पहले नंबर पर नहीं हैं।


The countries with the most and least confidence in their governments:


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— Forbes (@Forbes) July 13, 2017

क्या है गलती?

दरअसल जब ये आंकड़े सामने आए तो लोगों ने आधे-अधूरे अध्ययन के आधार पर भारत को जनता का भरोसा जीतने में नंबर वन बता दिया। लेकिन फोर्ब्स द्वारा जारी आंकड़ों में लोग ये देखना भूल गये कि ये आंकड़े कुछ चुनिंदा ऑर्गनाइजेशन फार इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंड (OECD) देशों के हैं। बता दें कि OECD एक इंटरगवर्नमेंटल आर्थिक संगठन है। इस संगठन के कुल 35 सदस्य हैं। 35 सदस्यों में से फोर्ब्स ने 15 देशों के आंकड़ों के आधार पर ही भारत को टॉप घोषित किया था। अगर आप वास्तविक OECD आंकड़े देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को नंबर वन कहना गलत है।

क्या है सच्चाई?
बता दें कि Gallup नाम की एक संस्था सालाना सर्वे करती है इसका नाम Gallup वर्ल्ड पोल है। ये संस्था कई मुद्दों पर सर्वे करती है, जिसमें से, ‘राष्ट्रीय सरकार में भरोसा’ एक अहम विषय है। इस आंकड़े के मुताबिक 2016 के आंकड़ों के आधार पर भारत 73 फीसदी लोगों के विश्वास के साथ तीसरे नंबर पर है। जबकि स्विटजरलैंड और इंडोनेशिया की सरकारें अपने देश की 80 फीसदी जनता का भरोसा जीत कर पहले नंबर पर है। अगर पूरे आंकड़ों पर गौर करें तो 2007 के मनमोहन सरकार के मुकाबले 2016 की मोदी सरकार ने अपने देश की जनता का भरोसा खोया है। 2007 में 82 फीसदी जनता मनमोहन सिंह की सरकार पर भरोसा करती थी, लेकिन 2016 में इस आंकडे में 9 फीसदी की गिरावट आई है।

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