असम के राज्यपाल ने कहा कि हालात ऐसे हैं कि आज हम चीन से डरते हैं।

भारत-चीन के बीच ताजा तनाव पर असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने चौकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत को चीन के साथ जंग से बचना चाहिए क्योंकि चीन ताकत में भारत से बहुत आगे है। बीजेपी शासित असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि भारत और चीन 2 साल आगे पीछे आजाद हुए, लेकिन आज परिस्थिति ये है कि हम आज चीन से डरते हैं।उत्तर पूर्वी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के एक कार्यक्रम में बनवारी लाल पुरोहित ने कहा, ‘चीन हमसे 2 साल आगे पीछे स्वतंत्र हुआ था आज परिस्थिति ये है कि हम चीन से डरते हैं। आगे उन्होंने कहा कि भारत को चीन से जंग से बचना चाहिए क्योंकि चीन हमारे से ताकत में बहुत आगे है। गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने चीन से भारत के पिछड़ने की वजह के लिए भ्रष्टाचार को जिम्मेवार माना है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के राक्षस ने भारत को बर्बाद किया है।

China humse 2 saal aage-peechhe swatantra hua tha, aaj paristhiti ye hai ki hum China se darte hain: Assam Governor Banwarilal Purohit


— ANI (@ANI_news) June 30, 2017
Ussay war avoid karna chhate hain kyunki hamare se taqat mein bahot aage hai. Bharataachaar ke raakshas ne humko barbaad kiya hai: Assam Guvpic.twitter.com/0hXNjHMYI6


— ANI (@ANI_news) June 30, 2017

बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले कुछ दिनों से तनाव बढ़ा हुआ है। ये विवाद तब से शुरू हुआ है जब चीनी सेनाओं ने सिक्किम में भारतीय इलाके में बने दो अस्थायी बंकरों पर बुलडोजर चलवा दिया। इसके बाद आर्मी चीफ ने बिपिन रावत ने गुरुवार (29 जून) सिक्किम का दौरा किया। अब यहां दोनों देशों ने अपनी तीन तीन हजार सेनाएं यहां तैनात कर रखी है, और कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।  इस बीच चीन ने गुरुवार को भारत को धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर भारत ने ‘चीनी क्षेत्र’ से अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाया तो दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ सकता है। चीन ने कहा है कि भारत को 1962 की जंग से सबक लेना चाहिए और युद्ध के लिए शोर नहीं मचाना चाहिए।
चीन के इस बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि चीन को ये समझना चाहिए कि 1962 और 2017 के भारत में बहुत फर्क है। इस बीच भारत ने चीनी सीमा में भारतीय सैनिकों के घुसपैठ की खबरों का आधिकारिक तौर पर खंडन किया है और कहा है कि घुसपैठ चीन के सैनिकों ने की थी। विदेश मंत्रालय ने चीन को पत्र लिखकर कहा है कि भारत चीन द्वारा डोकलाम इलाके में सड़क निर्माण के प्रति गंभीर चिंता जाहिर करता है। भारत के मुताबिक चीन की इस कोशिश से सिक्किम-भूटान-तिब्बत के त्रिमुहाने पर भौगोलिक स्थिति में बदलाव हो सकता है जिससे गंभीर सुरक्षा परिणाम हो सकता है। भूटान ने भी इस इलाके में सड़क बनाने की चीनी कोशिशों का खंड़न किया है।

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