हरियाणा के पानीपत में 18 फरवरी, 2007 को भारत-पाकिस्तान समझौता एक्सप्रेस के दो डिब्बों में हुए विस्फोटों में 68 लोग मारे गये थे…

 नई दिल्ली। हरियाण के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आतंकवाद की नई परिभाषा बताई है। अनिल विज ने कहा कि हिंदू आतंकी नहीं हो सकता है, राजनीति के लिए कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद का खेल खेला। अनिल विज के इस बयान पर सियासी घमासान छिड़ सकता है।

क्या बोले अनिल विज?

अनिल विज ने कहा, ”हिन्दू आतंकवाद जैसा कोई शब्द ही नहीं है। अगर हिन्दू आतंकवादी होता तो इस संसार में आतंकवाद होता ही नहीं। लेकिन राजनैतिक कारणों कांग्रेस जितने भी आतंकवादी हमले हुए उनमें मुसलमान के शामिल होने की वजह से उनके मुकाबले में हिन्दू आतंकवाद को खड़ा करना चाहती थी इसलिए ये सारा खेल खेला गया।

#WATCH: A Hindu cannot be a terrorist, no term like ‘Hindu terrorism’ says Haryana Minister Anil Vijpic.twitter.com/Ff8ULbD3P3
— ANI (@ANI_news)June 21, 2017


उन्होंने ये भी कहा कि हिंदू आतंकी नाम का कोई शब्द इसलिए भी अस्तित्व में नहीं आ सकता क्योंकि सिर्फ हिंदू ही इस दुनिया से आंतक का खात्मा कर सकता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि अब जब ज्यादातर आतंकी घटनाओं में मुस्लिमों का जिक्र होता है इसलिए कांग्रेस चाहती है कि हिंदुओं को आंतकी घोषित कर राजनीतिक लाभ उठाया जाए।

दिग्विजय सिंह ने दिया जवाब

अनिल विज की बात का जवाब कांग्रेस की ओर से महासचिव दिग्विजय सिंह ने दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा, “उन्होंने सही फरमाया है, संघी आतंकवाद होता है, हिन्दू आतंकवाद कभी नहीं होता।”

Unhone sahi farmaaya hai, Sanghi aatankwaad hota hai…Hindu aatankwaad kabhi nahin hota: Digvijaya Singh,Cong on Haryana Minister Anil Vijpic.twitter.com/6dQIG3ZtmU
— ANI (@ANI_news)June 21, 2017


आपको बतदा दें अनिल ने पहली बार कोई ऐसा बयान नहीं दिया है जिस पर बवाल हो वे पहले भी कई ऐसे बयान दे चुके हैं।
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता है ऐसे में हिन्दू आतंकवाद जैसी कोई अवधारणा नहीं हो सकती है। समझौता ब्लास्ट मामले में नए खुलासे के बाद ‘हिंदू आतंकवाद’ पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विज ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर हिंदू आतंकवाद शब्द गढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।

विज ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी जरूर तत्कालीन सरकार के ईशारों पर छोड़े गये होंगे। उन्होंने कहा कि जिन्हें रिहा किया गया है वे पाकिस्तान में मौज कर रहे हैं। जांच चल रही है, लेकिन वे समन का जवाब नहीं दे रहे हैं। हरियाणा के पानीपत में 18 फरवरी, 2007 को भारत-पाकिस्तान समझौता एक्सप्रेस के दो डिब्बों में हुए विस्फोटों में 68 लोग मारे गये थे।
इस वर्ष मार्च में विशेष एनआईए अदालत ने 13 पाकिस्तानी गवाहों को उसके समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया था. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विज ने कहा कि उनकी मंशा सिर्फ यह राजनीतिक षड्यंत्र स्थापित करने की थी कि भारत में हिन्दू आतंकवाद मौजूद है, जबकि वास्तविकता यह है कि कोई हिन्दू आतंकवादी हो ही नहीं सकता।

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