स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने व कर्ज माफी के नारे पर सत्ता में आई भाजपा – हर मामले पर किसानों पर चला रही है गोलियां

अंबाला। हरियाणा प्रदेश काग्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व राजस्व मंत्री चौ0 निर्मल सिंह ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने तथा किसानों के कर्ज माफ जैसे झूठे वायदे करके भाजपा ने सत्ता हथियाई है। अब मध्यप्रदेश, हरियाणा व अन्य प्रदेशों में किसानों द्वारा अपने हक मांगने पर सरकार चुनावी वायदा पूरा करने की बजाए उन पर गोलियां चलवा रही है। 

चौौ. निर्मल सिंह ने कहा कि किसानों के विरूद्ध हो रहे जुल्मों के प्रति सरकार का विरोध करने और किसानों के हकों की मांग उठाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी आंदोलन आरम्भ किया जायेगा। जिसकी शुरूआत 16 जून को कुरूक्षेत्र से की जायेगी। अम्बाला जिला से अधिक से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति इस आंदोलन में सुनिश्चित करने के लिए 14 मई को सांय 5 बजे पूर्व मंत्री चौ0 निर्मल सिंह ने अपने आवास पर जिला के काग्रेंस कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है। उन्होने सभी कार्यकर्ताओं से इस बैठक में उपस्थित होने का अनुरोध भी किया है। 

पूर्व मंत्री ने कहा कि आज न तो किसानों का उनकी फसल का उचित भाव दिया जा रहा है और न ही उनसे किये हुए चुनावी वायदों को पूरा करने के लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर बीमा एंजैसियों से मिलकर प्रदेश के किसानों से प्रतिवर्ष अरबों रूपये का प्रिमियम इकठा किया जा रहा है और फसल का नुकसान होने पर किसानों को एक नये पैसे मुआवजा नहीं दिया गया है। किसान मंडियों में अपनी सूरजमुखी 2200 से 2400 रूपये प्रति किवंटल बेचने के लिए मजबूर है और सरकारी खरीद के नाम पर व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार जानबूझकर इसकी खरीद लेट कर रही है। 

प्रदेश में गन्ना उत्पादक किसानों के साथ-साथ पोपुलर व सफेदा के उत्पादन किसानों को मिल मालिकों के साथ मिलकर ठगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि काग्रेंस के कार्यकाल में जिस भाव से पोपुलर और सफेदे के पत्ते बिकते थे आज उसी भाव पर किसानों को सफेदे और पोपुलर को खरीदा जा रहा है। हुड्डा सरकार ने अपने कार्यकाल में किसानों को सफेदे और पोपुलर का पूरा भाव दिलवाने के साथ-साथ गन्ना उत्पादक किसानों को भी उनकी बकाया राशि का भुगतान ब्याज सहित करवाया था। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान और मजदूर विरोधी है और समाज के सभी वर्ग इसकी कार्यशैली से दुखी हैं।

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