गांव धुराली के लोगों ने स्थाई रूप से अपनाया योगाभ्यास-गांव की शिक्षित महिला बनी मास्टर ट्रेनर

अंबाला। आयुष विभाग द्वारा गांव धुराली में लोगों को योगाभ्यास के साथ जोडऩे के लिए तीन दिवसीय कैम्प आज सफलता सम्पन्न हुआ। इस शिविर में गांव की 100 महिलाओं सहित लगभग 250 लोगों ने योगाभ्यास का प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिसमें डा0 समिधा शर्मा और योग प्रशिक्षक संदीप मलिक ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रशिक्षण लिया। तीन दिन के इस शिविर में इसी गांव की एक शिक्षित महिला ने योग क्रियाओं के ट्रेनर के रूप में भी अपने पहचान स्थापित की और गांव के लोगों ने निर्णय लिया कि वे 50 रुपए मासिक फीस देकर गांव की इस प्रशिक्षिका से निरंतर योग का प्रशिक्षण हासिल करेंगे। 
इस अवसर पर डा0 समिधा शर्मा ने गांव वासियों को योग के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि योग न केवल शारीरिक और मानसिक विकारों के उपचार के लिए उपयोगी है बल्कि जीवन भर स्वस्थ रहने के लिए भी प्रत्येक व्यक्ति को योग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योग और शुद्ध व संतुलित भोजन लेकर व्यक्ति लम्बी आयु बिना किसी बीमारी के जी सकता है। उन्होंने कहा कि बीमार व्यक्ति न केवल स्वंय दुखी होता है बल्कि परिवार के लिए भी एक समस्या का कारण बनता है। उन्होंने आयुर्वेद, होम्योपैथी और युनानी उपचार पद्धतियों से असाध्य रोगों के सफल उपचार के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की लम्बी आयु होने का मुख्य कारण योग और आयुर्वेद ही था लेकिन पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में भारत के लोगों ने इसे भुला दिया था। उन्होंने कहा कि अब दोबारा लोगों का रूझान योग और आयुर्वेद के प्रति बढ़ रहा है और भारत पूरे विश्व को योग के साथ जोडऩे में सफल रहा है। 
इस अवसर पर गांव के सरपंच जसविन्द्र सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे और शिविर में धुराली गांव के अलावा उगाड़ा के 5 और बाड़ा गांव के 4 लोगों ने भी नियमित रूप से भाग लिया।

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