एसीबी ने अदालत को बताया कि संस्था ने आठ मई को पीडब्ल्यूडी घोटाले में स्वतःसंज्ञान लेते हुए तीन एफआईआर दर्ज की हैं।


नई दिल्ली। दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार (दो जून) को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं अन्य के  खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। एसीबी ने अदालत को बताया कि संस्था ने आठ मई को पीडब्ल्यूडी घोटाले में स्वतःसंज्ञान लेते हुए तीन एफआईआर दर्ज की हैं। अदालत ने एसीबी को आठ जून को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। अदालत रोड्स एंटी-करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (आरएसीओ) के संस्थापक राहुल शर्मा की शिकायत पर सुनवाई कर रही थी।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाष मल्होत्रा ने एसीबी के असिस्टेंट कमिश्नर को शिकायतकर्ता राहुल शर्मा को मिल रही धमकियों का भी संज्ञान लेने के लिए कहा। राहुल शर्मा पर गुरुवार (एक जून) को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई थी। शर्मा पर गोली चलाने की घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो गई। शर्मा ने अदालत से पुलिस को अरविंद केजरीवाल और उनके साढ़ू सुरेंद्र बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की अपील की थी। शर्मा ने केजरीवाल पर दिल्ली में सड़क निर्माण और सीवर लाइन बिछाने का ठेका देने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बंसल का निधन हो चुका है।

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी से निकाले जा चुके विधायक कपिल मिश्रा ने भी सीएम केजरीवाल पर पीडब्ल्यूडी के ठेके देने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मिश्रा ने मीडिया से कहा था कि उनकी आंखों के सामने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सीएम केजरीवाल को नोटबंदी के दौरान दो करोड़ रुपये नगद दिए थे। मिश्रा ने आरोप लगााय कि ये पैसे केजरीवाल के साढ़ू बसंल को ठेके देने के एवज में दिए गए थे।
मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और एंबुलेंस खरीद में भी घोटाले का आरोप लगाया है। हालांकि आम आदमी पार्टी ने मिश्रा के लगाे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि कपिल मिश्रा भाजपा के इशारे पर आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं को बदनाम कर रहे हैं।

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