श्रीनगर। सेना ने कश्मीर के रामपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को आज नाकाम करते हुए अलग अलग मुठभेड़ों के दौरान करीब दस आतंकवादियों को मार गिराया।

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जवानों ने आज तड़के रामपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर संदिग्ध गतिविधियां देखी।

उन्होंने बताया कि घुसपैठियों और सेना के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई जिसमें अभी तक छह आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

अधिकारी ने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है।

कश्मीर के पुलवामा में शनिवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर सबजार बट मारा गया। सबजार ने बुरहान वानी की जगह संगठन की कमान संभाली थी। उसके साथ एक अन्य आतंकवादी भी मारा गया। इस मुठभेड़ के बाद घाटी में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने बट के मारे जाने की पुष्टि की।
बट उर्फ अबू जरार ने आठ जुलाई, 2016 को अनंतनाग में सुरक्षा बलों के अभियान में मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की जगह संगठन की कमान संभाली थी।
बट के सिर पर 10 लाख रुपये का ईनाम था और वह सुरक्षाबलों की वांछित (वांटेड) सूची में शीर्ष पर था। बट के साथ उसके दो साथी फैज़ान और आदिल भी सुरक्षबलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए हैं।

सैमोह गांव में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में बट के मारे जाने के बाद दक्षिण, मध्य और उत्तरी कश्मीर के कई स्थानों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

बट के मारे जाने की खबर फैलते ही अनंतनाग, पुलवामा और शोपियां में दुकानें बंद कर दी गईं। किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।
प्रशासन ने अप्रैल से सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध को शुक्रवार शाम को ही हटाया था।

श्रीनगर के पॉलीटेक्निक संस्थान और एक कॉलेज के छात्रों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जबकि नौहट्टा में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं।
प्रशासन इस दिशा में पुख्ता कदम उठा रहा है कि हिजबुल कमांडर के मारे जाने के बाद कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब न हो।

सूत्रों के अनुसार, जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए श्रीनगर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने वाली हैं।

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