अमृतसर। भारतीय महिला उजमा इस्लामाबाद हाईकोर्ट की इजाजत के बाद भारत वापस लौट गई हैं। उजमा ने आरोप लगाया था कि उनकी एक पाकिस्तानी से जबरन शादी करवाई गई थी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उजमा को भारत यात्रा करने की इजाजत बुधवार को दे दी थी। उजमा ने आरोप लगाया था कि एक पाकिस्तानी शख्स ने बंदूक की नोक पर उनसे शादी की थी।

इसके बाद उजमा ने भारतीय उच्चायोग की शरण ली थी और फिर यह मामला इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया। उजमा ने भारत वापस लौटने के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए उसे भारत वापस जाने की अनुमति दे दी थी। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए थे कि वह उजमा को वाघा बॉर्डर तक सुरक्षा मुहैया कराए। कोर्ट में उजमा को उसके असली इमिग्रेशन दस्तावेज लौटा दिए, जिसे मंगलवार को उसके पति ताहिर ने कोर्ट में जमा कराए थे।

पाकिस्तान में एक व्यक्ति से शादी करने को मजबूर की गई एक भारतीय महिला आज देश लौट आई है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने महिला की याचिका पर पुलिस को उसे सुरक्षित वाघा सीमा तक पहुंचाने का आदेश दिया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उजमा को ‘भारत की बेटी’ बताते हुए उसकी घर वापसी का स्वागत किया। सुषमा ने ट्वीट किया, आपको जिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, उसका मुझे दुख है।’’

नई दिल्ली की रहने वाली उजमा इस माह की शुरूआत में पाकिस्तान गई थी। उसने ताहिर अली पर आरोप लगाया कि उसने तीन मई को पाकिस्तान में उसके साथ जबरन शादी की थी। उजमा ताहिर से मलेशिया में कई बार मिली थी और उससे प्रेम करती थी। उजमा ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में 13 मई को याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि उसे तत्काल घर लौटने की इजाजत दी जाए क्योंकि पहले विवाह से उसकी बेटी है जो भारत में है और थेलेसीमिया से पीड़ित है।

अदालत ने उजमा को उसके आव्रजन संबंधी दस्तावेज भी लौटा दिए जो उसके मुताबिक अली ने उससे ले लिए थे। अली ने अदालत के आदेश पर ये दस्तावेज जमा करवा दिए थे। उजमा ने आरोप लगाया था कि ताहिर ने बंदूक की नोक पर उसे विवाह करने को मजबूर किया। उसके बाद से वह इस्लामाबाद में भारतीय मिशन में रह रही थी। 


वाघा बॉर्डर से भारत लौटी उज्मा

 इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद आखिरकार गुरुवार को भारतीय उजमा अपने देश वापस लौट आयी। उजमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान में हुई घटना को बयां किया। उन्होंने पाकिस्तान को मौत का कुआं बताते हुए कहा कि वहां जाना तो आसान है लेकिन लौटना बहुत मुश्किल है।

उन्होंने कहा, ‘मुझे हिन्दुस्तान आकर बेहद खुशी हुई। अब लग रहा है कि मैं आजादी में सांस ले रही हूं। मैं सुषमा मैम को धन्यवाद देती हूं। मैं सिर्फ घूमने के लिए पाकिस्तान गई थी। वहां, ताहिर ने मुझे नींद की गोलियां देकर टॉर्चर किया। किडनैप कर मुझे एक अजीब से गांव में रखा। वहां के लोग बहुत अलग हैं। ताहिर ने मुझे डराया और बेटी को किडनैप करने की धमकी देकर साइन करा लिए थे।’

इससे पहले अपने वतन लौटी उजमा के लिए इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर वाघा बार्डर तक सिक्‍योरिटी मुहैया करायी गयी। मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली उजमा ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी नागरिक ताहिर अली ने विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने इस अवसर पर ट्वीट कर उजमा का स्‍वागत किया और पाकिस्‍तान में उनके साथ होने वाली घटना पर दुख प्रकट किया।

जियो न्‍यूज के अनुसार, जस्‍टिस मोहसिन अख्‍तर कयानी की अगुवाई में कोर्ट की बेंच ने उजमा को उसका इमिग्रेशन फॉर्म लौटा दिया जो उसके पति ताहिर ने मंगलवार को कोर्ट के समक्ष रखा था। ताहिर ने उजमा से एकांत में मिलने की इच्‍छा जाहिर की थी जिसे बाद में खारिज कर दिया गया। जस्‍टिस कयानी ने कहा कि यदि उजमा नहीं चाहती तो उसके साथ जबर्दस्‍ती नहीं किया जाएगा।

उजमा के भाई वसीम अहमद ने कहा कि भारत सरकार ने उजमा के लिए उम्‍मीद से बढ़कर किया और हाई कोर्ट के आदेश के बाद उजमा भारत लौट आयी। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारतीय दूतावास ने उजमा को पूरी सावधानी से रखा। उन्‍होंने 5 मई, 2017 को इस्‍लामाबाद स्‍थित भारतीय उच्‍चायोग में शरण लिया। उन्‍होंने आगे बताया कि सरकार, सुषमा व भारतीय उच्‍चायोग का शुक्रिया अदा करने के लिए उनके पास शब्‍द नहीं हैं।  

गत 19 मई को उजमा ने 6 पेज का जवाब हाई कोर्ट के समक्ष रख और अपने पुराने दावे को दोहराते हुए कहा कि निकाहनामा पर हस्‍ताक्षर के लिए उनके साथ जबर्दस्‍ती की गयी थी। इसमें यह भी दावा किया कि ताहिर का हलफनामा झूठ पर आधारित है। इसके अलावा यह भी आग्रह किया गया कि उजमा को भारत जाने की अनुमति थी क्‍योंकि उनका वीजा 30 मई को खत्‍म हो जाएगा।

इसके पहले कोर्ट ऑफ ज्‍यूडिशल मजिस्‍ट्रेट के समक्ष अपने बयान में 20 वर्षीय उजमा ने आरोप लगाया कि उन्‍हें पाकिस्‍तान में अपने परिवार से मिलने के लिए बुलाकर शख्‍स ने मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

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