चंडीगढ़ । हरियाणा सरकार के अधिकांश प्रशासनिक राजकीय कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की 2017 के अंत तथा 2018 मार्च तक सेवा निवृत्त होने के बाद सरकार और प्रदेश की जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अब प्रदेश सरकार राजकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से 60 साल बढ़ाने का निर्णय जून के अंत तक ले सकती है। राज्य सरकार के कुछ ऐसे भी कार्यालय हैं जहां आज पूरे हरियाणा में 15 सौ से भी घटकर केवल 100 से भी कम रह गई है। 

 हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि उनकी अध्यक्षता में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से 60 वर्ष करने के लिए गठित मंत्रिमंडल उप-कमेटी ने व्यापक स्तर पर रिक्त पड़े चतुर्थ श्रेणी के पदों को पारदर्शी तरीके से भरने व उम्मीदवारों की सामाजिक -आर्थिक स्थिति को देखते हुए भर्ती नियमों का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए छ: राज्यों द्वारा अपनाई जा रही भर्ती प्रक्रिया का अध्ययन किया है। इसके अलावा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं हरियाणा लोक सेवा आयोग जैसी भर्ती एजेसिंयों द्वारा लगभग 50,000 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
    वित्त मंत्री आज यहां मुख्य सचिव  डी.एस.ढेसी के साथ हुई उप-कमेटी की बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस कमेटी की तीसरी बैठक 14 जून, 2017 को सायं 4 बजे चण्डीगढ़ में बुलाए जाने का निर्णय लिया है।
 उन्होंने बताया कि चतुर्थ श्रेणी की भर्ती जिला स्तर पर हो या राज्य स्तर पर, इसके लिए नियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में विभागाध्यक्षों का कार्यकाल निर्धारित करने पर भी चर्चा हुई। 

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री ने कहा कि 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति उपरांत कर्मचारियों व अधिकारियों को सेवा विस्तार देने के लिए आवश्यकतानुसार व कर्मचारी की कार्य दक्षता रिकार्ड तथा पदों की तकनीकी अहमियमत को देखते हुए विभाग अपने स्तर पर नियम बना सकता है।

 उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों ने अब तक कुल 39 अधिकारी/कर्मचारी सेवानिवृत्ति उपरांत सेवा विस्तार पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो हर वर्ष सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होते रहते हैं परन्तु 2017 में मौलिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पुलिस तथा सिंचाई विभाग में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की संख्या अधिक रहेगी। 

   उन्होंने बताया कि बैठक में पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी है कि उनके विभाग में अनुसंधान अधिकारियों के अधिक संख्या में सेवानिवृत्ति होने के कारण अनुसंधान कार्य प्रभावित होता है।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित थे।

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