प्रो-कबड्डी लीग सीजन-5 के लिए जारी नीलामी के ड्रॉफ्ट में शामिल 10 पाकिस्तानी खिलाड़ियों को कोई खरीदार नहीं मिला। मंगलवार को दूसरे दिन जब नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई तो सबसे पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों की बोली लगाई गई, लेकिन 12 में से कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें खरीदने के लिए सामने नहीं आया। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि खेल मंत्री विजय गोयल ने सोमवार को साफ कर दिया था कि मौजूदा हालात में सरकार पाकिस्तानी खिलाड़ियों को देश में खेलने की इजाजत नहीं देगी। इसके बाद ही साफ हो गया था कि कोई टीम मालिक इन खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ने का जोखिम नहीं लेगा। मंगलवार को जब इन खिलाड़ियों की बोली लगाई गई तो कोई टीम मालिक इन्हें खरीदने के लिए आगे नहीं आया।

नीलामी में पाकिस्तान के 10 खिलाड़ियों को ओवरसीज वर्ग (विदेशी खिलाड़ियों के वर्ग) में शामिल किया गया था। इसमें बी-ओवरसीज वर्ग में चार खिलाड़ी आतिफ वहीद, नासिर अली, वसीम सज्जाद, हसन रजा थे, वहीं सी-ओवरसीज वर्ग में छह खिलाड़ी अखलाक हुसैन, इबरार हुसैन, अरसलान अहमद, हसन अली, मोहम्मद इमरान और उस्मान जदा का नाम शामिल था।
सीजन-5 की नीलामी के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल किए जाने के बारे में लीग की प्रोमोटर कंपनी-मशाल स्पोर्ट्स के प्रमुख चारू शर्मा ने कहा था कि इन खिलाड़ियों को ड्रॉफ्ट में शामिल करने के पीछे उद्देश्य कबड्डी के खेल को सही मायनों में लोकप्रिय बनाना है। ऐसे में इस लीग में उन सभी देशों का प्रतिनिधित्व चाहिए, जिन देशों में कबड्डी खेला जाता रहा है और पाकिस्तान उनमें से एक है, लेकिन सरकार की ओर से सख्ती दिखाए जाने के बाद चारू ने स्वर बदलते हुए कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला सरकार का होगा और लीग आयोजक इसे मानने को बाध्य होंगे।
नीलामी के दूसरे दिन बी, सी और डी वर्ग के खिलाड़ियों की बोली लगेगी। इनमें वे 131 भारतीय युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिनका चयन मुंबई में आयोजित टैलेंट हंट के बाद किया गया है। बी और सी वर्ग में बड़ी संख्या में विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं।

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