टेलीविजन एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां दर्शक हर रोज अपने मनपंसदीदा चैनल पर अपने फेवरेट सीरियल और कैरेक्टर को देखकर कर मनोरंजन करते हैं। कई एक्टर्स की एक्टिंग दर्शकों को इतना प्रभावित करती है कि वह खुद को उससे जोड़कर देखने लगते हैं। लेकिन आज हम बताने जा रहे हैं टेलीविजन के ही ऐसे कुछ चर्चित चेहरों के बारे में जिन्हें कम उम्र में कामयाबी तो मिली लेकिन जल्द ही सफलता के उसी दौर में उनकी मौत भी हो गई। किसी कलाकर की मौत की वजह कोई हादसा रहा तो किसी ने मौत को खुद ही गले लगा लिया। सबसे पहले बात करते हैं टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी की। जिन्होंने सीरियल बालिका वधू से टीवी जगत में अपनी पहचान बनाई। मगर 1 अप्रैल साल 2016 में उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी उनकी मौत आज भी पहेली बनी हुई है।

संजीत बेदी जिन्होंने मान और संजीवनी जैसे पॉपुलर सीरियल में काम किया लेकिन 23 जून साल 2015 में अचानक हुई उनकी मौत से न सिर्फ उनके परिवार को धक्का लगा बल्कि उनके फैंस भी दुखी थे।

हास्य कलाकार के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाले जतिन कनकिया साल 1999 में मौत हो गई। उनका सीरियल श्रीमान श्रीमति दूरदर्शन पर काफी लोकप्रिय रहा था। रुबीना शेरगिल टीवी का चर्चित चेहरा थी लेकिन 12 जनवरी साल 2012 में अस्थमा अटैक की वजह से उनकी मौत हो गई। दर्शक उन्हें मिस कौशिक की पांच बहुएं सीरियल में देख चुके हैं

कुलजीत रंधवा को सीरियल कोहिनूर में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाता है। कुलजीत ने साल 2006 में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। रसिका जोशी ने कई मराठी और हिन्दी सीरियलों में काम किया। 7 जुलाई 2011 में उनकी मौत हो गई। राकेश दिवान ने सीरियल यह रिश्ता क्या कहलाता है
सीरियल में काम किया। वजन कम कराने की एक सर्जरी के दौरान कुछ कॉम्पलिकेशन होने की वजह से उनकी मौत हो गई।

मशहूर राइटर, एक्टर, कॉमेडियन और सिंगर विवेक शौक की 10 जनवरी साल 2011 में अचानक मौत हो गई। ऐसे ही पॉपुलर सीरियल के एक्टर दिलीप धवन की भी 15 फरवरी साल 2000 में मौत हो गई। प्रत्युषा बनर्जी और कुलजीत रंधावा की तरह ही फेमस मॉडल और एमटीवी वीजे नफीसा जोसेफ ने भी 29 जुलाई साल 2004 में सुसाइड कर लिया था।

37 वर्षीय अबीर एक टीवी ऐक्टर थे जिन्होंने ‘कुसुम’, ‘प्यार का दर्द है’ और फरहान अख्तर की फिल्म ‘लक्ष्य’ में भी अभिनय कर चुके हैं। अबीर को एक दम से दिल का दौरा पड़ा जब वे किसी व्यायामशाला में कसरत कर रहे थे। उनके सभी साथी उनकी इस मौत से स्तब्ध रह गए।

एक ऐसा शख़्स जो उसकी मौत के बाद और भी ज़्यादा प्रासंगिक हो गया।प्यासा, साहिब बीवी और गुलाम और कागज के फूल जैसी फ़िल्मों में अहम भूमिका निभाने वाला यह किरदार जीते-जी ही किंवंदती बन गया था। यह शख़्स मात्र 39 की उम्र में ही इस मतलबी दुनिया को अलविदा कह गया। 

दिलीप धवन नुक्कड़ जैसे यादगार टीवी-शो में गुरू का किरदार निभा कर उनका नाम घर-घर तक पहुंच गया था। इसके अलावा जनम, दीवार और तेरे मेरे सपने जैसी सीरियल्स में अहम किरदार निभा रहा यह सितारा मात्र 45 की उम्र में हार्ट अटैक की वजह से चलता बना।

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