अंबाला। गांव बलाना में परशुराम धर्मशाला बनाने के लिए विधायक को गुमराह कर शिलान्यास करा लिया गया जबकि इस जमीन पर निर्माण ही नहीं किया जा सकता था। विधायक को पंचायत विभाग के अधिकारियों ने भी अवगत नहीं कराया कि इस जमीन पर किसी तरह का निर्माण हो ही नहीं सकता। विधायक ने शिलान्यास कर दिया और कार्य शुरू कर दिया गया। इस बीच गांव के ही एक व्यक्ति ने इस गोलमाल का खुलासा कर दिया। पंचायत विभाग के अधिकारी इसके बावजूद मामले में लीपापोती करते रहे।

  मामला का खुलासा होने के बाद डीसी प्रभजोत सिंह ने डीडीपीओ को मामले की जांच के आदेश दिए। इस प्रकरण में इस निर्माण को बुधवार को गिराने के लिए भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया है। अब पुलिस की मौजूदगी में इस निर्माण को गिराया जाएगा। हालांकि इस मामले में सोमवार को सरपंच के नेतृत्व में डीसी के नाम से ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में विधायक के शिलान्यास करने का जिक्र किया गया है।
 इस सम्बंध में प्रशासन को शिकायत मिली थी कि गांव बलाना में सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है और करीब एक कनाल जमीन पर कब्जा करने की तैयारी है। मामला सुर्खियों में आने के बाद पंचायत ज्ञापन देने डीसी दरबार पहुंची थी लेकिन डीसी के न मिलने पर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था कि जमीन पर रेजुलेशन पास कर परशुराम धर्मशाला बनाने के लिए सीमेंट का कमरा बनाया गया है। 
 एक जानकारी के मुताबिक इस जमीन पर रेजुलेशन पास कर पंचायत निर्माण नहीं करा सकती। ऐसे में अब इस अवैध निर्माण को जल्द ही ढहा दिया जाएगा।

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