​उत्तराखंड की महान शख्सियत राजेंद्र धस्माणा आज पंचतत्व में विलीन हो गए। धस्माणा को उनके समर्थकों ओर अनुयायिओं ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
  सनद रहे कि उत्तराखंड आंदोलन में सरकार के इशारे पर यूपी पुलिस ने 57 आंदोलनकारी महिलाओं के साथ बलात्कार किया। 



         इन महिलाओं में से सिर्फ सात महिलाएं सामने आईं। वो भी घटना के 35 दिन बाद। जानते हैं इन महिलाओं को सामने लाने वाले महान शख्स थे राजेंद्र धस्माणा।

          अगर वो जी तोड़ कोशिश नहीं करते। तो इस घटना का सत्य और तथ्य सिर्फ एक झूठी कहानी बनकर रह जाता कि उस रात 2 अक्टूबर 1994 बलात्कार हुआ था। जैसे आज मुरथल गैंगरेप रहस्य बनकर रह गया है।

    

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