आज सुबह इस ख़बर का असर दोपहर दो बजे के बाद देखने को मिला जब हरियाणा रिटायर्ड कॉलेज टीचर एसोसिएशन के बैंक खातों में हरियाणा सरकार, उच्च शिक्षा निदेशालय ने उनकी पेंशन जारी कर दी। बैंक खातों में पेंशन आते ही सभी अध्यपकों ओर नॉन टीचिंग कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। पेंशनधारकों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर का आभार व्यक्त किया।


​चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को गुहार लगाने के बावजूद तीन महीने से अभी तक हरियाणा रिटायर्ड कॉलेज टीचर एंड नॉन टीचिंग एसोसिएशन कर्मचारियों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने उच्च शिक्षा निदेशक को अविलंब तत्काल पेंशन जारी करने के आदेश दिए थे, लेकिन विभाग ने अब तीसरा महीना बीतने को आया, अभी तक मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन नहीं किया। 

फ़ोटो: ए श्रीनिवास, निदेशक, उच्च शिक्षा, हरियाणा।

 उपरोक्त आरोप लगते हुए हरियाणा रिटायर्ड कॉलेज टीचर एसोसिएशन एंड नॉन टीचिंग कर्मचारी एसोसिएशन अध्यक्ष प्रोफेसर  इंद्रजीत भारती ने बताया कि उन्होंने हरियाणा उच्च निदेशालय के कई चक्कर काटे, लेकिन उन्हें अभी तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे अध्यापकों के एक शिष्टमंडल के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को भी मिलकर अपनी मांगों के सम्बंध में एक ज्ञापन सौंप चुका है। 

फोटो: प्रोफेसर इंद्रजीत भारती, अध्यक्ष, हरियाणा कॉलेज रिटायर्ड टीचर एन्ड नॉन टीचिंग कर्मचारी एसोसिएसन।

 बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा निदेशक को अविलंब पेंशन जारी करने के आदेश जारी किए किये थे, लेकिन शिक्षा निदेशालय ने मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए अभी तक पेंशन जारी करने संबन्धी कोई जहमत नहीं उठाई।
 इस सम्बंध में जानकारी के लिए जब हरियाणा उच्च शिक्षा निदेशक ए श्रीनिवास से उनके निजी फ़ोन पर सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने इस विषय से अनभिज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी में व्यस्त हूँ बाद में इसे चैक करके आपसे बात करूंगा। लेकिन ए निवासन की ओर से अभी तक उपरोक्त विषय में कोई जवाब नहीं दिया गया। 
ऐसा प्रतीत होता है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की उच्च शिक्षा निदेशालय को कोई परवाह नहीं है। 
 एक जानकारी के मुताबिक के रिटायर्ड प्रोफ़ेसर व नॉन टीचिंग कर्मचारी बीमारी के चलते ओर अपनी दैनिक गृहस्थ जीवनयापन की जरूरतों के ख़र्च वहन करने के लिए अब कर्ज़ उठाने पर मजबूर हो गए हैं। 

वायोवृद्ध अधयापकों व नॉन टीचिंग कर्मचारियों ने हतीयन सरकार के प्रति गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की ओर गुड गवर्नेन्स नाम की कोई चीज़ नहीं है। इस संबन्ध में कई सेवानिवृत कॉलेज अध्यापकों ने मुख्यमंत्री, खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, हरियाणा शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को भी ईमेल के माध्यम पत्र लिखे हैं।
  वायोवृद्ध अधयापकों ने कहा कि आज वो दिन आ गया कि जिन्हें वे शिक्षित करते रहे वे आज सरकार में बैठकर उन्हें अपनी पेंशन के लिए सिर्फ़ भटकने के लिए मजबूर कर रहे हैं। 

कॉलेज टीचर एसोसिएशन के एक नेता ने आरोप लगाया है कि शिक्षा निदेशालय के दी कर्मचारी जानबूझकर सुविधाशुल्क न देने की वजह अक्सर उनके वाजिब कार्यों की फाइलें दबा देते हैं।