सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए सीआरपीएफ को फ्रीहैंड (खुली छूट) देने का मन बना लिया है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार और सीआरपीएफ के कार्यवाहक महानिदेशक सुदीप लखटकिया को स्थिति से निपटने के लिए 75 दिनों का वक़्त भी दिया है।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ के साथ हुई बैठक में सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ ‘ऑल आउट अटैक’ नाम की नई रणनीति को अमल में लाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस नीति में सर्जिकल स्ट्राइक जैसे तरीकों को भी शामिल किया गया है।
जानकारी के मुताबिक राजनाथ सिंह ने सीआरपीएफ पर लगातार हो रहे हमलों के लिए जिम्मेदार कारणों और कमियों का पता लगाने और नक्सलियों के सफाए के लिए काउंटर स्ट्रेटजी को फिर से बनाने के निर्देश दिए हैं। इस नई स्ट्रेटजी में किसी भी तरह का रहम न दिखाने की बात प्रमुखता से शामिल है।
बता दें कि 8 मई को सरकार नक्सली समस्या पर एक बैठक बुला रही है, इसमें एंटी नक्सली स्ट्रेटजी पर विचार किया जाएगा और अगर जरूरी समझा गया तो इसमें बदलाव किया जाएगा।
राजनाथ ने हमले को बताया था बौखलाहट
सुकमा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने मंगलवार को रायपुर पहुंचे राजनाथ सिंह ने हमले को नक्सलियों की बौखलाहट का नतीजा बताया था। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था ​कि नक्सली केंद्र और राज्य सरकार के मिलकर किए जा रहे विकास के कामों को देखकर बौखला गए हैं और बौखलाहट में ऐसे हमले अंजाम दे रहे हैं। राजनाथ सिंह ने सुकमा में हुई घटना को हमले की बजाए कोल्ड ब्लडेड मर्डर बताया था।