लखनऊ। कथित दुष्कर्म के मामले में फंसे आरएसएस समर्थक ठाकुर पर इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की एक पीड़ित महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी पत्र भेजा है और आईजी ठाकुर के खिलाफ न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

यही नहीं, पीड़िता ने राजधानी की समाजसेविका और आरटीआई कार्यकत्री उर्वशी शर्मा को भी इस पत्र की प्रति भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
उर्वशी को भेजे पत्र में पीड़िता का आरोप है कि अमिताभ ठाकुर साल 2014 से ही लगातार उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। पीड़िता नागरिक सुरक्षा विभाग में अधिकारी है और उसके पति उप्र के पुलिस विभाग में अधिकारी हैं।
पीड़िता ने अमिताभ पर उसके पति को फर्जी मामलों में फंसाने का आरोप भी लगाया है।
उर्वशी ने बताया, “पीड़िता द्वारा गृहमंत्री को भेजी गई शिकायत में अमिताभ पर संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा के पद पर रहने के दौरान गलत उद्देश्य से पीड़िता को फर्जी जांचों में फंसाने, चेतावनी देने, स्थानांतरण कराने, प्रमोशन रोकने, पीड़िता और उसके पति पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।”
पीड़िता इससे पहले भी उप्र नागरिक सुरक्षा के तत्कालीन प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग को भी ठाकुर के खिलाफ शिकायत भेज चुकी है, लेकिन कार्यवाही नहीं होने पर उसने अब गृहमंत्री को शिकायत भेज मदद की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने अमिताभ पर अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के माध्यम से उस पर साइबर क्राइम की झूठी एफआईआर लिखाने का आरोप भी लगाया है। साथ ही इन आरोपों के आधार पर आईजी ठाकुर के खिलाफ न्यायिक जांच कराने की मांग की है।