छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों से लड़ते-लड़ते शहीद हुए सीआरपीएफ जवान अभय मिश्र के पैतृक गांव भोजपुर के जगदीशपुर के तुलसी में मातमी सन्नाटा पसरा है। बड़े बेटे के शहीद होने की खबर पाते ही किसान पिता गजेंद्र सिंह बार बार बेहोश हो जा रहे हैं। पिता को बस इस बात का मलाल है कि उनके बेटे को आतकंवादियों ने नहीं अपनों ने मार डाला।

शहीद के पिता गजेंद्र मिश्रा ने कहा कि अगर कोई बाहरी मारता तो ये तो मेरे लिए सम्मान की बात होती। लेकिन मेरे बेटे को अपनों ने ही मार दिया तो ये सम्मान कैसा है? उन्होंने कहा कि अगर अमरीका पाकिस्तान में घुस कर ओबामा को मार सकता है तो फिर सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती है। शहीद के पिता का कहना है कि गरीब उग्रवादी आखिर गरीब बेटे को निशाना क्यों बना रहे हैं।
शहीद अभय मिश्रा की मां माधुरी मिश्रा का भी बुरा हाल है। इधर शहीद का छोटा भाई अजीत मिश्र को भी इस बात का भरोसा नहीं हो रहा की उसका भाई इस दुनिया में नहीं है। अभय मिश्रा के पिता किसान हैं और वो भाई हैं। अभय की पढाई यही कारवां मध्य विद्यालय में हुई हैं। उन्होंने चार पहले सीआरपीएफ ज्वाइंन किया था। अभय मिश्रा की अभी शादी नहीं हुई है।
मां माधुरी मिश्रा ने बताया कि 10 दिन पहले ही उनकी बेटे से फोन पर बोत हुई थी लेकिन नेटवर्क नहीं होने के कारण बेटे का फोन बीच में ही कट गया। उसके बाद फिर बात नहीं है। फोन पर बेटे ने कहा था कि मां अगले महीने घर आउंगा।

बिहार के छह सपूत शहीद



पटना: छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को हुए नक्सली हमले में शहीद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवानों में बिहार के छह सपूत भी शामिल हैं। वे बिहार के विभिन्न जिलों के थे। बिहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सुकमा के दोरनापाल के जंगली क्षेत्रों में नक्सलियों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों में से छह बिहार के रहने वाले थे।

शहीद जवानों में वैशाली जिले के अभय कुमार, भोजपुर के अभय मिश्र, पटना के दानापुर निवासी सौरभ कुमार, दरभंगा के नरेश यादव, अरवल के रंजीत कुमार और रोहतास के रहने वाले क़ेक़े पाण्डेय शामिल हैं। घटना की खबर सुनते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।शहीदों के गांव में मातम पसरा हुआ है और उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को हुए इस वर्ष के सर्वाधिक रक्तरंजित नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए।