तिरुवनंतपुरम। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी को ‘पागल’ कहने और महिला श्रमिकों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करने को लेकर केरल के बिजली मंत्री एम.एम. मणि को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी नेताओं ने मणि की आलोचना की है और साथ ही भाजपा और कांग्रेस के दो नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की है।


मणि ने शनिवार रात कनिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन को उनके गृह जिले इडुक्की में कब्जाई गई सरकारी जमीन छुड़ाने के उनके अभियान को लेकर पागल कहा।
मंत्री ने कहा, “इडुक्की में अधिकांश धार्मिक प्रतिष्ठान ऐसी भूमि पर हैं, जिन पर किसी का मालिकाना हक नहीं है। वह (वेंकटरमन) एक पागल है और उसे उलम्मपारा (तिरुवनंतपुरम में पागलखाना) भेज दिया जाना चाहिए।”
बाद में इडुक्की में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता मणि ने कहा कि वह जानते हैं कि ‘पेम्बुलई अरुमेई’ (महिला संगठन) की हड़ताल के दौरान क्या हुआ था।
मणि ने कहा, “वह प्रदर्शन निहित स्वार्थ के लिए जानबूझ कर कराया गया था। जब हड़ताल जारी थी, तब नजदीक के जंगलों में अन्य गतिविधियां जारी थीं।”
मणि की टिप्पणियों से गुस्साई महिला बागवानी श्रमिकों की नेता गोमांती ने कहा कि उन्होंने रविवार दोपहर से मुन्नार शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।
गोमांती ने कहा, “मणि हमारे बारे में बोलने वाले कौन होते हैं? वह हमारे बारे में क्या जानते हैं? जब तक मंत्री माफी नहीं मांगते हम अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।”
मुन्नार में महिला बागवानी श्रमिकों द्वारा 2015 में की गई हड़ताल के कारण तत्कालीन ओमन चांडी सरकार को उनका वेतन बढ़ाना पड़ा था।
कांग्रेस नेता लतिका सुभाष ने कहा कि मणि ने केरल को शर्मसार किया है।
सुभाष ने कहा, “मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को बागवानी श्रमिकों को अपशब्द कहने को लेकर मणि को इस्तीफा देने को कहना चाहिए।”
इडुक्की में कब्जा की गई जमीनों को छुड़वाने को लेकर वेंकटरमण की कार्रवाई पिछले एक सप्ताह से खबरों में है।
रविवार को राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ए.वी. एम. सुधीरन ने भी मणि की टिप्पणी की निंदा की।
सुधीरन ने रविवार को कहा, “मणि केरल के लिए शर्म का विषय बन गए हैं।”
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सहायक सचिव प्रकाश बाबू ने कहा कि मणि के बारे में हम केवल यही कह सकते हैं, जो ईशा मसीह ने कहा था, “उन्हें माफ कर दो, वह नहीं जानते कि वह क्या कर रहे हैं।”
इस बीच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव कोडियारी बालकृष्णन ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
वहीं, युवक कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष डीन कुरियाकोस ने कहा कि मणि को उनकी हरकतों के कारण बेड़ियों से बांध देना चाहिए।
मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने मणि से इस मसले में बात करने का आश्वासन दिया है।
केरल के मछलीपालन मंत्री और पार्टी सहकर्मी जे. मर्सीकुट्टी अम्मा ने मणि की टिप्पणियों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा है कि मणि को ऐसा नहीं कहना चाहिए था।
वहीं माकपा सांसद पी.के. श्रीमति ने भी अम्मा के रुख का समर्थन किया है।
राज्य भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन ने कहा कि मुख्यमंत्री को मणि को तत्काल इस्तीफा देने का निर्देश देना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *