चंडीगढ़। औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी), सोहना में 105 एकड़ भूमि पर स्थापित होने वाले मेगा लेदर कलस्टर (एमएलसी) में देश के अग्रणी चमड़ा उद्योगपतियों ने अपनी इकाइयां स्थापित करने में रूचि दिखाई है। इस मेगा कलस्टर में आगामी दो वर्षों में 500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे प्रदेश के लगभग 40 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
    चमड़ा निर्यात परिषद् के उपाध्यक्ष  पी.आर. अकील अहमद ने आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और मेगा लेदर कलस्टर की स्थापना के लिए राज्य सरकार से सहायता और सहयोग मांगा। 

    मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की तरफ से सभी प्रकार की आवश्यक सहायता और सहयोग का आश्वासन दिलाया।  उन्होंने कहा कि सरकार ने नई उद्यम प्रोत्साहन नीति लागू की है जिसके अंतर्गत प्रदेश में इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्यमियों को अनेक प्रोत्साहन दिए गए हैं। मेगा लेदर कलस्टर एक समेकित उत्पादन केंद्र होगा जिसमें सांझा सुविधा केंद्र, परीक्षण केंद्र, डिजाइन स्टूडियो, रेडी टू यूज फैक्ट्री शेड जैसी तमाम सुविधाएं तथा सडक़ और बिजली जैसी अवसंरचना होगी।

    बैठक में बताया गया कि इस मेगा लेदर कलस्टर में लगभग 150 से 200 उत्पादन इकाइयां स्थापित होने की संभावना है जहां फुटवेयर, लेदर गारमेंटस, बैग जैसे चमड़े के उत्पादों की एक व्यापक श्रृंखला तथा अन्य सामान का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यह मेगा लेदर कलस्टर युवाओं को प्रशिक्षण सुविधा भी मुहैया करवाएगा ताकि उन्हें रोजगार के काबिल बनाया जा सके। बैठक में यह भी बताया गया कि राष्ट्र राजधानी दिल्ली से सटा होने के कारण सोहना में चेन्नई, आगरा और कानपुर की फुटवेयर इकाइयों समेत देश के विभिन्न अग्रणी चमड़ा उद्योगपतियों ने इस मेगा लेदर कलस्टर में अपनी इकाइयां स्थापित करने में गहरी रूचि दिखाई है। इस कलस्टर की स्थापना से न केवल चमड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि प्रदेश में चमड़ा उत्पादों की मांग भी पूरी होगी।

    इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक राजा शेखर वुडंरू, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक अशोक सांगवान, चमड़ा निर्यात परिषद् के क्षेत्रीय अध्यक्ष (उत्तर)  पूर्ण चंद डावर समेत प्रतिनिधिमंडल के सदस्य, चमड़ा निर्यात परिषद के पैनल कन्वीनर  मनोज तुली, परिषद के क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर)  संजय कुमार और मोतीलाल भी उपस्थित थे।

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