नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय आज बुधवार को 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित आठ वरिष्ठ भाजपा और विहिप नेताओं के खिलाफ सीबीआई की आपराधिक साजिश के आरोपों की बहाली की याचिका पर फैसला सुना सकता है।

 अयोध्या में राम मंदिर – बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा गिराए जाने मामले में लाल कृष्ण आडवाणी समेत 13 बीजेपी नेताओं पर आपराधिक साजिश का केस चलाया जाए या नहीं, इस पर आज सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगी। बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में दो मामलों पर ट्रायल चल रहा है। ढांचा गिराए जाने के वक्त मौजूद अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ केस लखनऊ कोर्ट में और बीजेपी लीडर्स से जुड़ा केस रायबरेली कोर्ट में है। ज्वाइंट ट्रायल पर भी फैसला…

– 6 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान SC की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट ने दो एफआईआर से जुड़े मामलों की एक साथ सुनवाई करने के ऑप्शन पर भी विचार करने को कहा था। इस पर भी आज फैसला आज फैसला आ सकता है।
– सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा था, “इस मामले में 25 साल गुजर चुके हैं, न्याय को ध्यान में रखते हुए डे-टु-डे बेस पर इन मामले की सुनवाई के ऑर्डर दे सकते हैं, जो कि दो साल के भीतर पूरी हो सकती है।”
– SC ने ये भी कहा था कि महज टेक्निकल ग्राउंड पर राहत नहीं दी जा सकती है।

ज्वाइंट ट्रायल का आडवाणी के वकील ने किया था विरोध
– दोनों केस के ज्वाइंट ट्रायल और रायबरेली का केस ट्रांसफर किए जाने का आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के वकील केके वेणुगोपाल ने विरोध किया था। 
– वेणुगोपाल ने कहा था, “दोनों मामलों में अलग-अलग लोग आरोपी हैं। दोनों जगहों पर ट्रायल एडवांस स्टेज पर चल रहा है। ज्वाइंट ट्रायल चलने की हालत में नए सिरे प्रोसीडिंग्स शुरू होंगी।”

सीबीआई ने कहा था- सभी के खिलाफ केस चलना चाहिए
– पिछली सुनवाई में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, “लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला चलना चाहिए।

– एएनआई के मुताबिक, सीबीआई के वकील ने कोर्ट को बताया कि रायबरेली में 57 लोगों की गवाही ली जा चुकी है। वहीं, 100 से ज्यादा लोगों की गवाही ली जानी है। यह भी बताया कि सभी 21 आरोपियों के खिलाफ आरोपों को हटा लिया गया था। इनमें बीजेपी नेता भी शामिल हैं। इसके अलावा, बाबरी मस्जिद को ढहाने के मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं।

इसलिए सुप्रीम कोर्ट में है मामला
– रायबरेली की कोर्ट ने आडवाणी, जोशी, उमा भारती समेत 13 बीजेपी लीडर्स के खिलाफ आपराधिक साजिश के चार्जेज हटा दिए थे।  2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। 

– सुप्रीम कोर्ट में हाजी महबूब अहमद और सीबीआई ने कॉन्पिरेसी चार्जेज हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करने की अपील भी की थी।
6 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने साजिश के आरोपों को रद्द करने की अपील को एग्जामिन करने का फैसला किया था। 
– इस मामले में 21 लोगों के खिलाफ साजिश के आरोप लगाए गए थे, जिनमें से 8 का निधन हो चुका है। बता देें कि SC में अपील करने वाले हाजी महबूब का भी निधन हो चुका है।

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