चेन्नई/मुंबई ।  सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में पेट्रोल पंप डीलरों ने 14 मई से रविवार को अपने पेट्रोल पंप बंद रखने का फैसला किया है। मंगलवार को यह घोषणा की गई। कहा गया कि यह फैसला इसलिए लिया गया कि ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके। लेकिन, साथ ही बयानों से यह भी साफ हो रहा है कि इस फैसले की वजह अपने खर्च को कम करने की कवायद भी है।

तमिलनाडु पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के. पी. मुरली ने बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से आह्वान किया है कि ट्रैफिक कानूनों का पालन करें, साथ ही पेट्रोल और डीजल की भी बचत करें। इसलिए हमने रविवार को छुट्टी करने का फैसला किया है, क्योंकि इससे ईधन और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।”
मुरली ने कहा कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, हरियाणा और महाराष्ट्र के साथ ही पुडुचेरी में 14 मई से हर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में अकेले 4,850 आउटलेट पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री होती है।
मुरली ने कहा, “औसतन रोजाना करीब 153 करोड रुपये के ईंधन की बिक्री होती है। हालांकि रविवार को होने वाली बिक्री के सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं लेकिन सप्ताहांत पर इससे करीब 20 फीसदी कम बिक्री होती होगी।”
उन्होंने कहा रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखने से देश का 20 फीसदी ईधन बचेगा।
उन्होंने कहा, “रविवार को पेट्रोल पंप को बंद कर छुट्टी करने का हमें अधिकार है। छुट्टी के दिन काम करने वाले कर्मियों को दोगुनी मजदूरी देनी पड़ती है।”
उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर रविवार को एक कर्मचारी होगा जो आपातकालीन स्थिति में पेट्रोल-डीजल दे सकेगा।
मुंबई में महाराष्ट्र पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के उदाह लोध ने कहा कि यह कदम तेल विपणन कंपनियों से हमारी लंबे समय से जारी विभिन्न मांगों को लेकर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि 15 मई से इन सातों राज्यों व पुडिचेरी में केवल एक शिफ्ट, सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही पेट्रोल पंप खुलेंगे।
लोध ने आईएएनएस को बताया, “हम फिलहाल बेहद कम मार्जिन पर काम कर रहे हैं। पेट्रोल-डीजल का बड़े पैमाने पर वाष्पीकरण हो जाता है, जिससे हमें भारी नुकसान होता है।”
उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रत्येक पेट्रोल पंप पर कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी देनी होती है, जो इतने कम मार्जिन में देना मुश्किल है।
लोध ने कहा कि इस कदम से अकेले महाराष्ट्र के 4,500 पेट्रोल पंप प्रभावित होंगे, जिसमें अकेले मुंबई में 225 पेट्रोल पंप हैं जिनमें एक लाख कर्मचारी आम तौर से दो शिफ्ट और कहीं-कहीं तीन शिफ्ट में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि एक साप्ताहिक अवकाश, सिंगिल शिफ्ट में काम से उनका खर्च काफी घटेगा।

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