अंबाला। हरियाणा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री चौ. निर्मल सिंह ने भाजपा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ओर सरकार को आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि अम्बाला में पिछले दिनों हुए ताज़ा घटनाक्रमों  से कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है और अब यह जग जाहिर हो चूका है कि इस ताज़ी घटना के पीछे कोई और नही भाजपा सरक़ार के छोटे एवं बड़े नेता ही है। उन्होंने अनिल विज को बर्ख़ास्त कर निष्पक्ष करने की मांग की।

 
   उन्होंने कहा कि मीडिया और जनता से पता चला है कि यह वारदात पुरानी रजिशों को अंजाम देने के लिए थी और इसकी जड़ है नाजायज रजिस्ट्रीयां, जो अब तक भाजपा के नेताओं के संरक्षण और सहयोग से ही हो रही थी और है। उन्होंने ने कैंटोनमेंट बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी  और पार्षद अजय बवेजा के बीच हुए झगड़े को लेकर कहा कि आज इस मामले ने भाजपा के शराफत के दावों और स्थानीय नेता की निष्पक्षता पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए है। 
    चौ. निर्मल सिंह आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि हर सरकारी विभाग की फाइल जाकर खंगालने वाले मंत्री अपनी नाक के नीचे चल रहे इस गौरखधंधे से कैसे अनभिज्ञ है? इन दोषी नेताओं  के साथ करीबी रखने वाले मंत्री (अनिल विज ) आज उन्हें पार्टी से बर्खास्त करके सिर्फ जनता की आँखों में मिट्टी झोकने का काम कर रहे है, और झूठी वाह-वाही लूटने के अपने कार्यक्रम पर अग्रसर है। क्या अनिल विज कहना चाहते है कि वह अपने इतने करीबी नेताओं की इन गतिविधियों से अब तक अनजान थे ?

   पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि  यह घटित मामला असल में नाजायज रजिस्ट्रियों से जुड़ा है, जिस पर प्रभावी लोगों द्वारा निजी पैसे बनाये जा रहे थे। जब आपसी लालच पैसों पर ठना तो उसका अंजाम था कि भाजपा नेता व कार्यकर्ता खुले आम सड़कों पर गुंडागर्दी पर उतर आये। अनिल विज महज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इन करीबी नेताओं को पार्टी से बर्खास्त कर अपना दामन नही बचा सकते। 

  उन्होंने कहा कि  मारपीट की सजा तो केवल चार साल है, असली अपराध यहाँ जालसाजी का हुआ है, जिसमे उम्रकैद होती है और यह मामला बड़ी चालाकी से भाजपा द्वारा दबाया जा रहा है। जनता का आक्रोश शांत करने के लिए सिर्फ मारपीट का मामला दर्ज करवाकर असली साजिश गुनहगारों को बड़ी चालाकी से छुपाया जा रहा है। गुनहगारों को बचाने के लिए रातों रात कोशिश की गई परन्तु कोशिश नाकाम रहने पर किसी एक नेता की बलि यहाँ चढ़ा दी गई। 

पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने आज कुछ सवाल करते हुए सरकार से मांग की :

1. इस घटना क्रम की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाये जोकि हरियाणा सरकार क़े आधीन न हो।

2. पूरी वारदात को महज मारपीट का मामला बनाकर जालसाजी और नाजायज रजिस्ट्रियों के मामले क़ो क्यों और किसके कहने पर दबाया जा रहा है ? इसकी पूर्णतः जांच हो।

3. जब तक इस घटना की जांच चले मंत्री  को उनके पद से मुक्त रखा जाये ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके।

4. इस घटनाक्रम की गहराई से जांच की जाए, क्योकि यहाँ जुर्म की एक छोटी मछली को फंसा कर बड़े मगरमच्छों को बचाने की कोशिश की जा रही है और उसका हम विरोध करते है।  गहराई से जांच करने पर इसमें मंत्री जी क़े और भी कई करीबी भू-माफिया, अवैध खनन, अवैध कॉलोनी काटना व जुर्म की दुनिया की काली भेड़े सामने आयेगी। 

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