चण्डीगढ़। हरियाणा की मंडियों में गेहूं की आवक पूरे जोरों पर है। चालू रबी खरीद मौसम के दौरान कल तक कुल 26.82 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। कुल आवक में से पांच सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा 26.81 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई है, जबकि व्यापारियों द्वारा 536 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई है। 

  भर की मंडियों में लगतार गेहूं की आमद तेजी से बढ़ रही है। मंडियों में कहीं भी गेहूं डालने की जगह खाली न मिलने से किसान और आढ़ती परेशान हैं। कई जगह किसानों ने अपनी गेहूं की फ़सल मंडी से बाहर डाल दी है परंतु वहां भी अब खाली जद नहीं बची। गेहूं खरीदने वाली एजेंसियां गेहूं ख़रीद के बाद उठाने में देरी कर राजी हैं।
    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मंडियों में गेहूं खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

    सरकारी खरीद एजेन्सियों द्वारा खरीदी गई गेहूं की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 6.70 लाख मीट्रिक टन से अधिक और हैफेड ने 8.79 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद की है। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम ने 3.25 लाख मीट्रिक टन, हरियाणा कृषि उद्योग निगम ने 2.29 लाख मीट्रिक टन से अधिक और हरियाणा भण्डारण निगम ने 5.77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद की है।

    गेहूं आवक की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि जिला कैथल 3.60 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक के साथ अग्रणी है, जबकि करनाल 3.43 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके उपरांत, जिला जींद में 2.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक, पलवल में 2.29 लाख मीट्रिक टन से अधिक, सोनीपत में 2.10 लाख मीट्रिक टन से अधिक, कुरुक्षेत्र में 2.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक, पानीपत में 1.45 लाख मीट्रिक टन से अधिक, फतेहाबाद में 1.29 लाख मीट्रिक टन से अधिक तथा अम्बाला में 1.11 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक हुई है। 
    उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, जिला हिसार में 91,771 मीट्रिक टन, फरीदाबाद में 69,584 मीट्रिक टन गेहंू, रोहतक में 64,212 मीट्रिक टन, भिवानी में 56,437 मीट्रिक टन, जिला मेवात में 52,784 मीट्रिक टन, यमुनानगर में 48,208 मीट्रिक टन, झज्जर में 44,150 मीट्रिक टन, गुरुग्राम में 39,157 मीट्रिक टन, नारनौल में 13,922 मीट्रिक टन तथा पंचकूला में 11,568 मीट्रिक टन गेहंू की आवक हुई। अम्बाला। जिला में गेहूं की कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है और 13 अप्रैल तक जिला की सभी 14 अनाज मंडियों और खरीद केन्द्रों पर 111898 टन गेहूं की आमद हुई है। 

उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मंडियों में आये सारे के सारे गेहूं की खरीद की जा चुकी है और यह गेहूं सरकारी एजैंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल तक अम्बाला शहर अनाज मंडी में 47347 टन गेहूं की आमद हुई है जबकि अम्बाला छावनी अनाज मंडी में 2129 टन गेहूं बिक्री हेतू आया है। इसी प्रकार बराड़ा अनाज मंडी में 10605 टन, भरेड़ी कलां में 772 टन, कडासन में 2466 टन, केसरी में 1520 टन, मुलाना में 8300 टन, नन्यौला में 10362 टन, नारायणगढ़ में 5220 टन, साहा में 12700 टन, सरदाहेड़ी में 1660, शहजादपुर में 4247, तलहेड़ी में 3540 टन, उगाला में 1030 टन गेहूं की आमद हुई है। 

उन्होंने बताया कि मंडियों में गेहूं की खरीद खाद्य एवं पूर्ति विभाग, हैफड और हरियाणा भण्डारण निगम द्वारा की गई है। इसमें से खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने 23535 टन, हैफड ने 72313 टन और हरियाणा भण्डारण निगम ने 15775 टन जबकि मिल मालिकों व डीलरों द्वारा 275 टन गेहूं की खरीद की है। उन्होंने किसानों से भी अनुरोध किया कि वह अच्छी तरह से पकी हुई फसल ही मंडी में लेकर आये ताकि उसे फसल बेचने में दिक्कत न आये। 

उन्होंने खरीद एजैंसियों को निर्देश दिये कि मंडियों से खरीदे गये गेहूं को तुरंत उठवाने का प्रबंध करें ताकि किसान आसानी से मंडियों में अपनी फसल डाल सके। इसके अलावा उन्होंने आढतियों को भी निर्देश दिये कि वे खरीदे गये गेहूं और मंडियों में आने वाली किसानों की गेहूं को वर्षा इत्यादि से सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल व अन्य वैकल्पिक व्यवस्था पहले से करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *