नई दिल्ली। सार्वजनिक रेडियो प्रसारण सेवा आकाशवाणी को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा दिए जाने के खिलाफ पाकिस्तान में अपने श्रोताओं से संदेश मिले हैं।
आकाशवाणी की बाह्य सेवा डिवीजन के एक अधिकारी ने आज कहा, ‘‘हमें पाकिस्तान की सैन्य अदालत के फैसले की निंदा करने वाले रोजाना 100 से 140 संदेश मिल रहे हैं।’’

आकाशवाणी जाधव का मामला सामने आने के बाद से पाकिस्तान में रेडियो सुनने वालों के समक्ष पूर्व नौसैन्य अधिकारी के मामले को उजागर करने के लिए समाचार, प्रेस समीक्षा, कमेंट्री और पैनल चर्चा जैसे कई कार्यक्रम प्रसारित कर रहा है।

एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने कथित जासूसी मामले में जाधव को मौत की सजा दी है। उन्हें बलूचिस्तान में सुरक्षा अधिकारियों ने करीब एक साल पहले गिरफ्तार किया था।

आकाशवाणी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में उर्दू, बलूची, पश्तो, पंजाबी, सिंधी और सराइकी समेत विभिन्न भाषाओं में कई कार्यक्रम प्रसारित करता है। अधिकारी ने बताया कि सभी भाषाओं के श्रोता आकाशवाणी को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेज रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘संदेशों का सार यह है कि लोग पाकिस्तान के इस कृत्य को गैर इस्लामी बता रहे हैं क्योंकि निर्दोष को सजा देना इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है। पर्यटकों को इस्लाम में उच्च दर्जा दिया जाता है। अधिकारी ने बताया कि लोगों ने जाधव को फांसी पर लटकाए जाने की स्थिति में ‘‘दोनों देशों और लोगों के बीच आपसी संबंधों’’ को लेकर चिंताएं व्यक्त की हैं।

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